विमल कुमार

दुनिया भर के क्रिकेट जानकारों का ध्यान शुक्रवार से शुरु होने वाले वर्ल्ड टेस्ट टैंपियनशिप के फाइनल पर टिकी हुई है. टेस्ट क्रिकेट के साल के इतिहास में पहली बार बादशाह का ऐलान होगा. भारत और न्यूज़ीलैंड दोनों के लिए ये एक ऐतिहासिक लम्हा है, क्योंकि इन दोनों कुछ साल पहले तक भी चैंपियन टेस्ट टीम के तौर पर नहीं माना जाता था. पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट कप्तान और मौजूदा समय में पाकिस्तान क्रिकेट की आवाज़ माने जाने वाले रमीज़ राजा का मानना है कि दबाव पूरी तरह से भारत पर होगा- ”देखिये, अगर आप दुनिया के किसी भी मुल्क के क्रिकेट प्रेमी से पूछेंगे तो वो भारत के समर्थक के तौर पर आपको दिखेंगे. कीवी टीम सबसे लोकप्रिय चार टीमों में भी नहीं होगी. जब तक वो जीतते नहीं है तब तक उनकी हेडलाइन नहीं बनती है, लेकिन भारत की धूम हर समय रहती है.”

राजा की बात का समर्थन उनके साथी कॉमेंटेटर और न्यूज़ीलैंड के पूर्व तेज़ गेंदबाज़ डैनी मॉरिसन भी करते हैं. ”देखिये, क्रिकेट के मायने भारत के लिए बिलकुल अलग है, क्योंकि अरब से ज़्य़ादा आबादी वाले मुल्क को ये खेल जोड़ता है जबकि हमारे यहां रग्बी नंबर वन खेल है. विराट कोहली की अगुवाई में भारतीय टीम ने दिखाया है कि वो घर के साथ साथ विदेश में भी टेस्ट मैच जीतने का माद्दा रखते हैं और इसलिए मैं उन्हें जीत का प्रबल दावेदार मानता हूं. लेकिन, न्यूज़ीलैंड टीम ने भी पिछले कुछ सालों में शानदार खेल दिखाया है और इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे मज़बूत माने जाने वाले मुल्कों को पछाड़कर वो फाइनल में पहुंची है और भारत की ही तरह उनकी कामयाबी का मंत्र भी लाजवाब गेंदबाज़ी आक्रमण है.”

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”ये मैं निश्चित तौर पर मानूंगा कि हमारा मौजूदा अटैक इतिहास का सबसे बेहतरीन आक्रमण है. विविधता के लिहाज से तेज़ गेंदबाज़ी के मामले में शायद हम भारत से बीस भी हों, लेकिन स्पिन डिपार्टमेंट में टीम इंडिया कीवी से काफी आगे दिख रही है. ख़ासकर, अश्विन और जडेजा जो बेहतरीन स्पिनर होने के साथ साथ अच्छे बल्लेबाज़ भी हैं.” ऐसा मानना है कि मॉरिसन का जो फिलहाल ऑस्ट्रेलिया में बैठकर टीवी पर इस मैच का लुत्फ उटाने की प्लानिंग कर रहें हैं.

वहीं, दूसरी तरफ एक न्यूट्रल समीक्षक के तौर पर राजा सोचते हैं कि दोनों टीमों की असली ताकत इनकी गेंदबाज़ी आक्रमण में क्वॉलिटी वाले स्विंग और तेज़ गेंदबाज़ों की मौजूदगी है, लेकिन भारत के पास मैच पलटने वाले खिलाड़ी ज़्यादा हैं. ”भारत के पास ऋषभ पंत के तौर पर एक ऐसा जोशीला खिलाड़ी है जिसकी उम्र महज 23 साल की है और जो हैरतअंगेज शॉट्स खेलता है. और इसमें अगर थोड़ा सा जवानी का तड़का लगा दिया जाए और दिलचस्प अंदाज़ में बात करने का हुनर तो वो उसे एक एक्स फैक्टर वाला खिलाड़ी बना देती है जो भारत के लिए एक बड़ी बात है.”

लेकिन, क्या ये मुकाबला दोनों टीमों के कप्तानों के बीच का भी निजी मुकाबला साबित हो सकता है, क्योंकि कोहली और विलियमसन अपनी टीमों के सबसे अहम बल्लेबाज़ है. ”कोहली तो कोहली हैं बिलकुल विवियन रिचर्ड्स की तरह. उनका एक अलग ख़ौफ रहता है गेंदबाज़ों पर लेकिन ऐसा नहीं है कि विलियमसन साधारण है. बल्कि वो भी बड़ी चतुराई से रन बनाते हैं और आपको पता भी नहीं चलता है.” ऐसा रमीज राजा मानते हैं. एक बात तो मॉरिसन को अपने देश की टीम में अच्छी लगती है और वो ये कि अब एक टीम के तौर पर बाकि दुनिया में इन्होंने काफी सम्मान हासिल किया है.

WTC Final : टीम इंडिया कैसे जीतेगी न्यूजीलैंड से ‘फाइनल’, विराट कोहली ने बता दिया गेम प्लान”निश्चित तौर ऐसा पहली बार है कि न्यूजीलैंड की टीम एक अंडरडॉग यानी कि छुपे रुस्तम नहीं देखा माना जा रहा है. उनके पास एक ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी, मैट हेनरी, नील वैगनर और काइल जेमिसन के तौर पर ऐसा गेंदबाजी आक्रमण है जो इससे पहले एक साथ कभी भी न्यूजीलैंड इतिहास में देखेन को नहीं मिला था. हमारे समय में 2-3 ही टॉप क्लास गेंदबाज़ एक साथ प्लेइंग इलेवन में हुआ करते थे.” भारत ने आखिरी बार इंग्लैंड की जमीं पर टेस्ट सीरीज 2007 में जीती थी और उसके बाद से 2011, 2014 और 2018 में लगातार तीन टेस्ट सीरीज़ में वो इंग्लैंड में हार का सामना करके लौटें हैं. कीवी टीम भी नई सदी में एक भी टेस्ट सीरीज़ इंग्लैंड में नहीं जीती थी, लेकिन टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल से ठीक पहले ही उन्होंने कमाल दिखाया और जीत के सूखे को तोड़ा.

”देखिये, क्रिकेट एक मज़ेदार खेल है. आप चाहे कितना भी आकलन कर लें पासा कुछ मिनटों में भी पलट जाता है. आपको याद है ना 2019 के वन-डे वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में सिर्फ पहले आधे घंटे में भारत की मशहूर बैटिंग लाइन-अप ताश के पत्तों की तरह बिखर गई थी.” मज़ाकिया लेकिन चेतावनी वाले लहज़े में मौरिसन बोलते हैं.

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पिछले साल 2 टेस्ट की सीरीज़ में न्यूजीलैंड ने कोहली की टीम को धूल चटाया था. भारतीय टीम के लिए गेंदबाज़ों के लिए बेहद मददगार हालात वाले मैचों में तीन दिन टिकना भीमुश्किल हो रहा था. लेकिन, जानकार इस बात से बेफिक्र हैं. ”देखिये, जिस तरह से भारत ने ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराया उससे शायद ही किसी के मन में ये शक हो कि कोहली की टीम चैंपियन बनने लायक नहीं. लेकिन, दूसरा सच ये भी है कि अगर कोई उन्हें चुनौती दे सकता है तो वो यही मौजूदा कीवी टीम है,” ये कहतें हैं पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राजा.

चलते चलते मॉरिसन भी ये जोडना नहीं भूलते हैं कि कोहली के पास कप्तान के तौर पर एक भी बड़ी ट्रॉफी नहीं है और ऐसे में दबाव उन पर ज़्यादा होगा. ”हम तो महज 50 लाख की आबादी वाले देश हैं, जहां पर क्रिकेट इतना बड़ा खेल नहीं है लेकिन भारत के लोगों को कोहली से इस ट्रॉफी की बहत ज़्यादा उम्मीदें होंगी.”
(डिस्क्लेमर: ये लेखक के निजी विचार हैं. लेख में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता/सटीकता के प्रति लेखक स्वयं जवाबदेह है. इसके लिए News18Hindi किसी भी तरह से उत्तरदायी नहीं है)

ब्लॉगर के बारे में

विमल कुमार

न्यूज़18 इंडिया के पूर्व स्पोर्ट्स एडिटर विमल कुमार करीब 2 दशक से खेल पत्रकारिता में हैं. Social media(Twitter,Facebook,Instagram) पर @Vimalwa के तौर पर सक्रिय रहने वाले विमल 4 क्रिकेट वर्ल्ड कप और रियो ओलंपिक्स भी कवर कर चुके हैं.

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