(बेक्स कृष्णन और युसूफ अली) बेक्स कृष्णन ने कहा, ‘यह मेरे लिए पुनर्जन्म है, क्योंकि मैंने आजाद होने और बाहर की दुनिया देखने की सभी उम्मीदें छोड़ दी थीं, अब मेरी एकमात्र इच्छा परिवार से मिलने जाने से पहले यूसुफ अली से मुलाकात की है।’ - Dainik Bhaskar

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अबु धाबी32 मिनट पहले

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(बेक्स कृष्णन और युसूफ अली) बेक्स कृष्णन ने कहा, ‘यह मेरे लिए पुनर्जन्म है, क्योंकि मैंने आजाद होने और बाहर की दुनिया देखने की सभी उम्मीदें छोड़ दी थीं, अब मेरी एकमात्र इच्छा परिवार से मिलने जाने से पहले यूसुफ अली से मुलाकात की है।’ - Dainik Bhaskar

(बेक्स कृष्णन और युसूफ अली) बेक्स कृष्णन ने कहा, ‘यह मेरे लिए पुनर्जन्म है, क्योंकि मैंने आजाद होने और बाहर की दुनिया देखने की सभी उम्मीदें छोड़ दी थीं, अब मेरी एकमात्र इच्छा परिवार से मिलने जाने से पहले यूसुफ अली से मुलाकात की है।’

  • सड़क हादसे में सूडानी युवा की मौत के मामले में मिली थी सजा
  • पीड़ित परिवार सूडान जा चुका था, कई मिन्नतों के बाद माफी देने को राजी

संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में ‘ब्लड मनी’ के जरिए एनआरआई द्वारा भारतीय व्यक्ति की जान बचाने का मामला सामने आया है। दरअसल, केरल के बेक्स कृष्णन को 2012 में यूएई की सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। उन्हें लापरवाही से वाहन चलाकर सूडानी व्यक्ति की हत्या का दोषी पाया गया था।

तभी से कृष्णन के परिवार और रिश्तेदार उन्हें बरी करवाने की कोशिश कर रहे थे। करीब 10 साल की बातचीत के बावजूद पीड़ित परिजन कृष्णन को माफी देने के लिए तैयार नहीं था। जनवरी,2021 में वे सूडान लौट गए तो संपर्क और मुश्किल हो गया। ऐसे में कृष्णन के परिवार ने मशहूर कारोबारी और लुलु ग्रुप के प्रमुख युसूफ अली से मदद मांगी। उन्होंने पूरा मामला समझा और सभी पक्षों से बातचीत की।

कई दौर की समझाइश और मिन्नतों के बाद आखिरकार पीड़ित परिवार कृष्णन को माफ करने के लिए राजी हो गया। इसके बाद यूसुफ अली ने दोषी की रिहाई के लिए मुआवजे या ‘ब्लड मनी’ के तौर पर कोर्ट में 5 लाख दिरहम (करीब 1 करोड़ रु.) जमा करा दिए।

अब कृष्णन केरल लौटकर परिवार से मिल सकेंगे। कई देशों में ‘ब्लड मनी’ को न्याय का तरीका माना जाता है। यह पीड़ित परिवार को दिया जाने वाला मुआ‌वजा है। हत्या के मामले में इसे दोषी चुकाता है। पर इसमें पीड़ित परिवार का राजी होना जरूरी है।

यह पुनर्जन्म, बाहर की दुनिया देखने की उम्मीद छोड़ दी थी

कृष्णन जेल में भारतीय दूतावास के अधिकारियों से बातचीत के दौरान बेहद भावुक हो गएा। उन्होंने कहा, ‘यह मेरे लिए पुनर्जन्म है, क्योंकि मैंने आजाद होने और बाहर की दुनिया देखने की सभी उम्मीदें छोड़ दी थीं। अब मेरी एकमात्र इच्छा परिवार से मिलने जाने से पहले यूसुफ अली से मुलाकात की है।’

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