सावन के महीने में नदियों का जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए कांवड़ यात्रा निकाली जाती है, इस साल कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है। - Dainik Bhaskar

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  • Uttarakhand Cancels Kanwar Yatra; 7 Days Religious Event ‘Kharchi Puja’ Started In Tripura, Few Devotees Attended

देहरादून36 मिनट पहले

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सावन के महीने में नदियों का जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए कांवड़ यात्रा निकाली जाती है, इस साल कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है। - Dainik Bhaskar

सावन के महीने में नदियों का जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाने के लिए कांवड़ यात्रा निकाली जाती है, इस साल कोरोना के चलते कांवड़ यात्रा रद्द कर दी गई है।

कोरोना के मद्देनजर उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा रद्द की जा चुकी है। उधर, उत्तर प्रदेश में भी कांवड़ यात्रा पर ब्रेक लग चुका है। उत्तर भारत के दो बड़े राज्यों में भले ही सावन के महीने में आकर्षण का केंद्र रहने वाली कांवड़ यात्रा न निकल रही हो, लेकिन त्रिपुरा में 7 दिन तक चलने वाली खर्ची पूजा का आयोजन शुरू हो गया है। शनिवार को 14 देवी-देवताओं की पूजा के साथ इसकी शुरुआत हुई। कोरोना के चलते, इसमें सीमित लोगों ने ही भाग लिया।

तस्वीरों में देखिए त्रिपुरा की खर्ची पूजा

खर्ची पूजा के लिए 14 देवों की मूर्तियों को मंदिर की तरफ ले जाते 14 पंडित।

खर्ची पूजा के लिए 14 देवों की मूर्तियों को मंदिर की तरफ ले जाते 14 पंडित।

शनिवार को खर्ची पूजा का पहला दिन था। यह पूजा सात दिन तक की जाती है।

शनिवार को खर्ची पूजा का पहला दिन था। यह पूजा सात दिन तक की जाती है।

खर्ची पूजा के मौके पर वाद्य यंत्र बजाती एक महिला।

खर्ची पूजा के मौके पर वाद्य यंत्र बजाती एक महिला।

खर्ची पूजा त्रिपुरा का प्रमुख त्योहार है। इसमें 14 देवी-देवताओं की 7 दिनों तक पूजा की जाती है।

खर्ची पूजा त्रिपुरा का प्रमुख त्योहार है। इसमें 14 देवी-देवताओं की 7 दिनों तक पूजा की जाती है।

यह पूजा अगरतला के 14 देव मंदिर में आयोजित की जाती है।

यह पूजा अगरतला के 14 देव मंदिर में आयोजित की जाती है।

खर्ची पूजा में धरती की पूजा भी की जाती है। इस साल पूजा में अधिक लोग शामिल नहीं हुए।

खर्ची पूजा में धरती की पूजा भी की जाती है। इस साल पूजा में अधिक लोग शामिल नहीं हुए।

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