माना जा रहा है कि दोनों ने 2024 में विपक्ष का मुख्य चेहरा कौन होगा इस पर चर्चा की.

माना जा रहा है कि दोनों ने 2024 में विपक्ष का मुख्य चेहरा कौन होगा इस पर चर्चा की.

माना जा रहा है कि दोनों ने 2024 में विपक्ष का मुख्य चेहरा कौन होगा इस पर चर्चा की.

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर ने मुंबई में शुक्रवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की. आधिकारिक रूप से इस शिष्टाचार भेंट बताया गया लेकिन चर्चा है कि दोनों के बीच मिशन 2024 को लेकर अहम बातचीत हुई.

मुंबई. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की जीत में अहम भूमिका निभाने वाले प्रशांत किशोर ने शुक्रवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात की. प्रशांत किशोर और शरद पवार की इस मुलाकात के बाद सियासी अटकलें तेज हो गई है. इस मुलाकात को 2024 के लोकसभा चुनावों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. आधिकारिक तौर पर इसे बंगाल और तमिलनाडु चुनाव की जीत के उपलक्ष्य में रखी गई एक पार्टी बताया गया है, हालांकि दक्षिणी मुंबई स्थित पवार के घर पर हुई इस मुलाकात से अफवाहें गर्म हो गई हैं.

दरअसल, किशोर हर इस शख्सियत से मिल रहे हैं जिन्होंने चुनाव के दौरान ममता बनर्जी और एम के स्टालिन के समर्थन में हाथ बढ़ाया था. हालांकि इसे वार्ता के बाद अब ये चर्चा शुरू हो गई है कि हो सकता है विपक्ष एकजुट होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देने का मन बना रहे हैं. मजेदार बात ये है कि किशोर-पवार की मुलाकात ठीक उस वक्त हुई जब शिवसेना के वरिष्ठ नेता ऑन रिकॉर्ड ये कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री और वे लोग राजनीतिक तौर पर अभी साथ नहीं है, लेकिन फिर भी उनके संबंध टूटे नहीं है.

शरद पवार के दफ्तर से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रशांत किशोर सुबह साढ़े 10 बजे शरद पवार से मिलने पहुंचे. इसे शिष्टाचार की भेंट बताया गया. बाद में दोनों ने साथ ही में लंच भी किया. आधिकारिक रूप से इसे प्रशांत किशोर की बंगाल और तमिलनाडु चुनाव से संबंधित थैंक्सगिविंग यात्रा बताया जा रहा है.

शिवसेना बांध रही है पीएम मोदी की तारीफों के पुलशिवसेना प्रमुख और मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि हम लोग राजनीतिक तौर पर साथ नहीं है. इसका ये मतलब नहीं हुआ कि हमारे रिश्ते टूट गए हैं. मैं कभी पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से नहीं मिला, तो अगर मैं उनसे निजी तौर पर मिलता हूं तो इसमें बुराई क्या है. एक दिन पहले शिवसेना के नेता और राज्य सभा से सांसद संजय राउत ने भी प्रधानमंत्री को भाजपा का ही नहीं देश का अव्वल नेता बताते हुए उनकी तारीफ की थी.

पहले की थी काम को छोड़ने की घोषणा

इससे पहले किशोर ने बंगाल में बड़ी जीत हासिल करने के बाद ये घोषणा की थी कि वो अब इस काम को छोड़ना चाहते हैं. प्रशांत ने कहा था , ‘मैं जो कर रहा हूं उसे मैं जारी नहीं रखना चाहता हूं. मैंने बहुत कर लिया है, अब मैं एक ब्रेक लेकर जिंदगी में कुछ और करना चाहता हूं. मैं इस काम को छोड़ना चाहता हूं.’





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