महाराष्ट्र में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी होगी लागू.

महाराष्ट्र में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी होगी लागू.

महाराष्ट्र में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी होगी लागू.

महाराष्ट्र में नई इलेक्ट्रिक पॉलिसी के लागू होने के बाद 5 शहरों में असर होगा. जानकारों का कहना है कि, सरकार नई इलेक्ट्रिक पॉलिसी मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक और औरंगाबाद में लागू करेगी. जिसमें सभी सरकारी विभाग में इलेक्ट्रिक व्हीकल यूज करने के लिए बाध्य किया जाएगा.

मुंबई. महाराष्ट्र सरकार एक महीने के अंदर नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी को मंजूरी दे सकती है. जानकारों का कहना है कि, सरकार के पास इसका संशोधित मसौदा तैयार है और कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद सरकार इसे लागू कर सकती है. आपको बता दें देश में प्रदूषण को नियंत्रण में करने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल को बढ़ावा दिया जा रहा है. जिसके तहत सभी राज्य सरकार भी अपने यहां अलग-अलग इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी लागू कर रहे है. वहीं महाराष्ट्र सरकार भी जल्द ही नई इलेक्ट्रिक पॉलिसी को मंजूरी दे सकती है. आइए जानते हैं इसके बारे में….

इन शहरों पर होगा असर – महाराष्ट्र में नई इलेक्ट्रिक पॉलिसी के लागू होने के बाद 5 शहरों में असर होगा. जानकारों का कहना है कि, सरकार नई इलेक्ट्रिक पॉलिसी मुंबई, पुणे, नागपुर, नासिक और औरंगाबाद में लागू करेगी. जिसमें सभी सरकारी विभाग में इलेक्ट्रिक व्हीकल यूज करने के लिए बाध्य किया जाएगा. वहीं ये पॉलिसी 2022 में केवल 5 शहरों में लागू होगी जिसे बाद में आगे बढ़ाया जाएगा.

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मैन्युफैक्चरिंग ऑफ ईवी के अधिकारी ने कही ये बात – मैन्युफैक्चरिंग ऑफ इलेक्ट्रिक व्हीकल के डीजी सोहिन्द्र सिंह गिल ने कहा कि, महाराष्ट्र सरकार की नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी का ड्राफ्ट बहुत ही बेहतर है. उन्होंने कहा कि, सरकार इसे लागू करती है तो 2025 तक हम अपने सभी लक्ष्य को हासिल कर लेंगे.  यह भी पढ़ें: Tata Nexon, Mahindra, Hyundai की बेस्ट इलेक्ट्रिक कार, पर्यावरण के लिए हैं बेहतर, जानिए कीमत और फीचर्स

हालांकि, हमारा मानना है कि तेजी से बढ़ने के लिए सभी सेगमेंट के व्हीकल का प्रोडक्शन बढ़ाने की जरूरत है. उदाहरण के लिए उन्होंने बताया कि  हम 2025 तक इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर और टू व्हीलर श्रेणी में 25 प्रतिशत के लक्ष्य को प्राप्त करने का लक्ष्य रख सकते हैं. सरकार तत्काल मांग को बढ़ावा देने, कौशल की सुविधा के लिए सीमित संख्या में वाहनों के लिए कुछ वित्तीय प्रोत्साहन की पेशकश करके ऐसा कर सकती है.





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