Naxal Terror in MP, Naxal Violence मप्र में नक्सल आतंक, Naxalites, Red Corridor रेड कॉरिडोर

जबलपुर. मध्यप्रदेश में नक्सली हमले की घटनाओं ने साल 2020 में ही रफ्तार पकड़ ली. कहने को मध्य प्रदेश का बालाघाट जिला नक्सल घटनाओं को लेकर रेड जोन में है, लेकिन लाल आतंक का दायरा अब डिंडोरी और मंडला जिलों तक फैल चुका है. कोरोना की एंट्री के बाद लॉकडाउन हुआ तो ऐसा लगा कि जैसे नक्सली घटनाएं भी थम गई हैं, लेकिन इस दौरान नक्सलियों ने आदिवासी बहुल छोटे-छोटे गांवों में अपना वर्चस्व जमा लिया. नक्सली धमक की वजह से इन गांवों से सटे आसपास के गांव में रहने वाले आदिवासी भी दहशत में आ गए हैं.

छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अपनी पहुंच बना चुके नक्सली मप्र के भी इलाके में वर्षों से सक्रिय हैं. बताया जा रहा है कि अब मामला सिर्फ पर्चों और धमकियों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लाल आतंक जानलेवा होता जा रहा है. मासूम ग्रामीणों को जान से मारना हो या फिर गांव में वर्चस्व जमाए रखने के लिए मासूम गरीब आदिवासियों को ब्लैकमेल करना, नक्सलियों की फितरत बन गई है. मध्यप्रदेश के लिहाज से नक्सली वारदातों की एक लंबी फेहरिस्त तैयार हो चुकी है जो बताती है कि न केवल लाल आतंक का दायरा बढ़ रहा है, बल्कि दहशत भी बढ़ रही है.

कुछ घटनाओं पर एक नजर
– 17 सितंबर 2020ः बालाघाट पुलिस ने बस्तर कमेटी के विस्तार दलम के कमांडर को गिरफ्तार किया. पकड़ा गया नक्सली बादल सिंह मरकाम 50 लाख का इनामी था. इसी दौरान बांदा में पुलिस की नक्सलियों से मुठभेड़ भी हुई, जिसमें एक नक्सली मारा गया.

– 7 नवंबर 2020ः बालाघाट से 70 किलोमीटर दूर बहियार थाने के उमा देवी के मालखेड़ी में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ हुई, जिसमें एक महिला नक्सली मारी गई, जबकि एक दर्जन से ज्यादा उग्रवादी घायल हुए.

– 12 दिसंबर 2020ः किरनापुर थाने के बोरवन जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें पुलिस ने दो महिला नक्सलियों को मार गिराया.

– 31 जनवरी 2021ः बालाघाट के लांजी थाने के देवरबेली मलकुआ में निर्माणाधीन सड़क मार्ग पर नक्सलियों ने एक ट्रक और दो ट्रैक्टरों को आग लगा दी.

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ग्रामीण की हत्या के बाद नक्सलियों ने छोड़ा था पर्चा.

– 29 जून 2021ः नक्सलियों ने रूपझर थाने के बिठली चाकी के ब्रम्हनी निवासी ग्रामीण भागचंद आर्मो को पुलिस मुखबिर बताते हुए गोली मारकर हत्या कर दी. एक दर्जन से ज्यादा सशस्त्र नक्सलियों ने खाना खाने बैठे ग्रामीण भागचंद आर्मो के घर में घुसकर पहले उसे अगवा किया फिर हत्या की वारदात को अंजाम दिया. इस दौरान नक्सलियों ने एक पर्चा भी छोड़ा था.

मप्र-छग और महाराष्ट्र का कॉरिडोर

नक्सली मामलों के जानकार और वरिष्ठ पत्रकार चैतन्य भट्ट बताते हैं कि अब नक्सली मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ते हुए एक कॉरिडोर बनाने के मंसूबे पर काम कर रहे हैं. महाराष्ट्र से लगा गोंदिया, मध्य प्रदेश के बालाघाट और छत्तीसगढ़ के महासमुंद के बीच ऐसा नेटवर्क डेवलप होता दिख रहा है. सिर्फ बालाघाट ही नहीं बल्कि डिंडोरी और मंडला भी नक्सलियों के टारगेट पर है और वे अमरकंटक तक अपना वर्चस्व बढ़ाने की फिराक में है. विशेष तौर पर आदिवासी गांवों में नक्सली खुद को स्थापित करने में एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं. भट्ट ने कहा कि इन दिनों आम लोगों से लेकर सरकारी कांट्रेक्टर और आदिवासी बाहुल्य इलाकों में संचालित कंपनियों से वसूली इसी कारण आम हो गई है.

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