Mobile Computing Demand India Latest Report; Tablet Notebook Pc Revenue Grew | वर्क-फ्रॉम-होम और ऑनलाइन क्लास बनी बड़ी वजह, रेवेन्यू में मिलेगा जबरदस्त फायदा

  • Hindi News
  • Tech auto
  • Mobile Computing Demand India Latest Report; Tablet Notebook Pc Revenue Grew

नई दिल्ली26 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

एक नई रिपोर्ट में सामने आया है कि मोबाइल कंप्यूटिंग डिवाइसों की मांग लगातार बढ़ रही है। साथ ही इस साल मोबाइल कंप्यूटिंग रेवेन्यू दोगुना हो सकता है। टैबलेट और नोटबुक, PC तीनों के रेवेन्यू सेल दर साल 2020 में 25% तो वहीं 2021 में 17% तक बढ़ने की उम्मीद है।

बाजार रिसर्च फर्म स्ट्रैटेजी एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, कई सालों से शिपमेंट और रेवेन्यू में गिरावट के बाद मोबाइल कंप्यूटिंग बाजार में रौनक आ चुकी है। दरअसल कोरोना काल में इसकी मांग ने एक नया रिकॉर्ड बनाया है।

आपको बता दें कि मोबाइल कंप्यूटिंग डिवाइस में बैटरी, कैमरा, वॉयस रिकॉर्डर और म्यूजिक प्लेयर लैपटॉप कंप्यूटर, टैबलेट, स्मार्टफोन, ई-रीडर और हैंडहेल्ड गेमिंग जैसे डिवाइस शामिल होते हैं।

मोबाइल कंप्यूटिंग डिवाइस शिपमेंट 46 करोड़ यूनिट हुआ
वर्क-फ्रॉम-होम, वर्चुअल लर्निंग ऑप्शन और हाइब्रिड वर्क शेड्यूल पहले की तुलना में अधिक बढ़ा हैं। इसलिए साल 2026 तक मोबाइल कंप्यूटिंग डिवाइस शिपमेंट को लगभग 46 करोड़ यूनिट (458 मिलियन) तक बढ़ने का अनुमान लगाया जा रहा है।

​​​​कनेक्टेड कंप्यूटिंग के डायरेक्टर एरिक स्मिथ का कहना है कि स्मार्टफोन डेली इस्तेमाल के लिए बहुत जरूरी हो गए हैं। उन्होंने कहा, प्रोफेशनल कस्टमर प्रोडक्टिविटी टूल का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं।

वर्क फ्रॉम होम से बढ़ी मांग
हर घर में भी कई डिवाइस इस्तेमाल होने लगी हैं। डिवाइस की मदद से लोग घर से भी ऑफिस का काम आसानी से कर लेते हैं। साथ ही वह अपनी संस्था से वर्क फ्रॉम होम करने की मांग कर रहे हैं। इन सभी घटनाओं से लगता है कि मोबाइल कंप्यूटिंग डिवाइस की मांग अभी बाजार में बनी रहेगी।

नए सॉफ्टवेयर के आने से ज्यादा मांग बढ़ेगी
रिपोर्ट का अनुमान है,कि दुनिया के सभी घरों के 39% तक कंप्यूटिंग डिवाइसों के प्रोडक्ट होंगे। साथ ही यह बढ़ता जाएगा। विंडोज 11 का नया अपडेट इस मार्केट में जान फूंकने का काम करेगा। इससे 2025 में लगभग 15 लाख करोड़ (197 बिलियन डॉलर) से 18 लाख करोड़( 241 बिलियन डॉलर) तक रेवेन्यू के हाई लेवल पर पहुंचने की उम्मीद है।

इंडस्ट्री के डायरेक्टर चिराग उपाध्याय ने कहा कि कोविड -19 संक्रमण की लहर हर साल बड़े बाजारों और ग्राहक मानसिकता को प्रभावित करती रहेगी, जिससे लगातार हाई डिमांड बनी रहेगी। वहीं सप्लाई चेन का रिस्क 2023 तक बना रहेगा।

खबरें और भी हैं…