In the survey, 83.5% readers supported Bhaskar's fearless journalism, said - stand firm, we are with you | सर्वे में 83.5% पाठकों ने भास्कर की बेखौफ पत्रकारिता का साथ दिया, कहा- डटे रहें, हम आपके साथ हैं

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नई दिल्ली21 मिनट पहले

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सत्ता को हमेशा सच्ची खबरों से डर लगता है। यही वजह है कि खबरों की सच्चाई स्वीकार करके गलतियों में सुधार करने के बजाय ज्यादातर सरकारें पत्रकारिता को ही सुधारने में लग जाती हैं और इसका एकमात्र सरकारी तरीका है- छापे!

देश के सबसे बड़े मीडिया समूह दैनिक भास्कर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान देश के सामने सरकारी खामियों की असल तस्वीर रखने वाले दैनिक भास्कर ग्रुप पर गुरुवार तड़के सरकार ने दबिश डाली। भास्कर समूह के कई दफ्तरों पर इनकम टैक्स विभाग ने छापा मारा है। विभाग की टीमों ने दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान स्थित दफ्तरों पर रेड डाली। कार्रवाई अभी भी जारी है।

भास्कर समूह पर हुई इस कार्रवाई का हर जगह विरोध हुआ। संसद में भी इस कार्रवाई की आवाज गूंजी और दोनों सदनों की कार्यवाही रोकनी पड़ी। सच के खिलाफ सरकार की इस कार्रवाई का विरोध सोशल मीडिया पर भी देखने को मिला। ट्विटर पर भास्कर के खिलाफ सरकार की यह कार्रवाई टॉप ट्रेंड में रही। वर्ल्ड मीडिया ने भी कहा- सच्चाई जानने के लिए भास्कर के रिपोर्टर्स श्मशान और मुर्दाघरों में लाशें गिनते रहे, अब सरकार की रेड पड़ी।

इन सबके अलावा एक साथ हमारे उन पाठकों का भी रहा, जो भास्कर की सच्ची पत्रकारिता के साथ हर मोड़ पर मजबूती के साथ खड़े रहे। आयकर छापों की कार्रवाई को लेकर हमने अपने पाठकों का भी मत जाना। भास्कर ने सोशल मीडिया पर एक सर्वे किया।

हमने सोशल मीडिया पर #स्वतंत्र_भास्कर के साथ अपने पाठकों से सिर्फ एक सवाल किया- क्या आप दैनिक भास्कर की बेखौफ पत्रकारिता के साथ हैं? अपनी राय दें? इस सर्वे में 83.5% पाठकों ने भास्कर की बेखौफ पत्रकारिता का साथ दिया। पाठकों ने कहा- डटे रहें, हम आपके साथ हैं।

IT छापे पर आम पाठक बोला- मुझे गर्व है कि मैं दैनिक भास्कर का पाठक हूं

  • बच्चा-बच्चा जानता था दैनिक भास्कर पर रेड होगी। बच्चा-बच्चा इस सरकार को समझता है।- राहुल सैनी
  • जो भाजपा की और मोदी-योगी की कमियां उजागर करेगा वो नाप दिया जाएगा। घोषित आपातकाल भले न हो लेकिन जो हालात हैं वो आपातकाल से भी भयावह हैं। – अंकित प्रतापगढ़ी
  • भास्कर में स्वाभिमान की खुशबू आती है- बाबा केसरी
  • आज भास्कर के साथ खड़े होने का वक्त है- मोहम्मद फारुख
  • दैनिक भास्कर हमेशा सच दिखाता है। किसी भी सरकार के सामने झुका नहीं। मीडिया को ऐसे ही काम करना चाहिए।- अमित झाझरिया
  • जॉब नहीं है, भष्ट्राचार फैला है। दैनिक भास्कर ने सच दिखाया तो इनकम टैक्स के दर्शन हो जाते हैं। – रवींद्र सेन
  • आप पत्रकारिता के लिए खड़े नहीं हो सकते और कहते हैं कि मीडिया बिक चुकी है।- गौरव संचेती
  • दैनिक भास्कर ही आज पत्रकारिता कर रहा है।- अम्मार अख्तर

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