Happy Birthday Snil Dutt: Sunil Dutt was nervous about interviewing Nargis for the first time while working in radio, then won her heart by saving her life and got married | रेडियो में नौकरी करते हुए पहली बार नरगिस का इंटरव्यू लेने में घबरा गए थे सुनील दत्त, फिर जान बचाकर जीता दिल और कर ली शादी

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3 मिनट पहले

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साधना, सुजाता, मुझे जीने दो, मदर इंडिया, वक्त, पड़ोसन, हमराज जैसी कई बेहतरीन फिल्मों का हिस्सा रहे चुके अभिनेता सुनील दत्त का आज जन्मदिन है। सुनील का असली नाम बलराज दत्त था जिसे उन्होंने रमेश सहगल के कहने पर बदल लिया था। दमदार आवाज और लाजवाब अभिनय से सुनील ने कई किरदारों में जान फूंकी है। इंडस्ट्री में 40 सालों तक अभिनय कर चुके एक्टर फिल्मफेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड और साल 1968 में पद्मश्री से भी सम्मानित हो चुके हैं। अभिनय के अलावा सुनील ने राजनीति में भी बड़ा योगदान दिया है। एक्टर लोकसभा के एमपी और यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स के मिनिस्टर के पद पर कार्यरत रह चुके हैं। आज उनके जन्मदिन के खास मौके पर आइए जानते हैं उनकी जिंदगी से जुड़ी कुछ खास बातें-

भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय मुस्लिम परिवार ने बचाई थी जान

सुनील दत्त का जन्म 6 जून 1929 में नक्का खुर्द पंजाब में हुआ था जो अब पाकिस्तान का हिस्सा है। महज 5 साल की उम्र में सुनील ने अपने पिता को खो दिया था। जब वो 18 साल के हुए तो भारत-पाकिस्तान का बंटवारा शुरू हो चुका है। सभी हिंदुओं को भगाया जा रहा था और उनका बेरहमी से कत्ल किया जा रहा था। उस समय सुनील के पिता के दोस्त याकूब ने उनके परिवार को अपने घर में शरण देकर सबकी जान बचाई थी। यही कारण है कि सुनील का मुस्लिम लोगों के प्रति अच्छा रवैया था। सुनील जैसे तैसे परिवार के साथ लखनऊ में बस गए।

कॉलेज के दिनों में रेडियो चैनल में करते थे नौकरी

स्कूली शिक्षा लखनऊ में लेने के बाद सुनील दत्त ने मुंबई के जय हिंद कॉलेज में दाखिला लिया था। इसी के साथ सुनील ने ट्रांसपोर्टेशन कंपनी में नौकरी पकड़ ली थी। सुनील कंपनी की सभी बसों की देखरेख करते थे। इसी के साथ सुनील दत्त ने कॉलेज के थिएटर ग्रुप में दिलचस्पी दिखानी शुरू कर दी। सुनील की बेहद दमदार और बेहतरीन आवाज हर किसी का दिल जीत लेती थी। एक बार प्ले करते हुए सुनील पर रेडियो प्रोगामिंग के एक हेड की नजर पड़ी। हेड सुनील के टैलेंट को पहचानते हुए उन्हें तुरंत रेडियो में नौकरी का ऑफर दे दिया और वो भी झट से राजी हो गए। सुनील रेडियो के लिए हिंदी सिनेमा के सितारों का इंटरव्यू लिया करते थे, जिसके लिए उन्हें हर महीने 25 रुपए तनख्वाह मिलती थी, जो उस समय के हिसाब से काफी ज्यादा थी। सुनील की नौकरी के चलते कॉलेज में काफी पॉपुलर हो चुके थे।

नौकरी के दिनों में हुई थी नरगिस से पहली मुलाकात

रेडियो की नौकरी के दौरान सुनील को एक बार नरगिस का इंटरव्यू करना था। नरगिस उस समय बेहद पॉपुलर हुआ करती थीं वहीं दूसरी तरफ सुनील एक आम आदमी थे। इंटरव्यू के दौरान नरगिस को देखकर सुनील इतने नर्वस हो गए कि उनकी जुबान से कोई सवाल ही नहीं निकल पाया। एक्ट्रेस उनका हाल समझ गईं और उन्हें खुद सहज महसूस करवाने की कोशिश में लग गईं। एक्ट्रेस द्वारा कम्फर्टेबल किए जाने के बाद सुनील उनका इंटरव्यू ले सके। उस समय दोनों ही इस बात से अनजान थे कि आगे जाकर दोनों एक दूसरे के जीवनसाथी बनने वाले हैं।

ऐसे मिला था फिल्मों में काम

सुनील 1953 में शिकस्त फिल्म के लिए एक्टर दिलीप कुमार का इंटरव्यू लेने पहुंचे थे जहां उन पर डायरेक्टर रमेश सहगल की नजर पड़ गई थी। रमेश सुनील की पर्सनालिटी और आवाज से इतने इम्प्रेस हो गए कि उन्होंने अपनी अगली फिल्म रेलवे प्लेटफार्म में सुनील को काम दे दिया। ये फिल्म साल 1955 में रिलीज हुई थी। इस फिल्म से सुनील को नई पहचान के साथ नया नाम भी मिला था। डायरेक्टर रमेश ने ही बलराज दत्त को सुनील दत्त नाम दिया था जिससे उनके और पॉपुलर एक्टर बलराज सैनी के बीच कोई कंफ्यूज ना हो।

मदर इंडिया से मिला ब्रेक

रेलवे प्लेटफार्म से इंडस्ट्री में कदम रखने वाले सुनील को अगली फिल्म मदर इंडिया मिली थी, जहां उनकी दोबारा नरगिस से मुलाकात हुई। इस फिल्म में नरगिस ने उनकी मां का रोल निभाया था। ये फिल्म एक जबरदस्त हिट हुई थी जिसके बाद सुनील को देशभर में पहचान हासिल हो चुकी थी।

ऐसे बनाई नरगिस के दिल में जगह

मदर इंडिया की शूटिंग के कुछ समय पहले ही नरगिस और राज कपूर का रिश्ता खत्म हुआ था और एक्ट्रेस इस गम से उभरने की कोशिश कर रही थीं। एक दिन मदर इंडिया के सेट पर जोरदार आग लग गई और नरगिस बुरी तरह फंस गईं। इस समय सुनील ने अपनी जान खतरे में डालकर एक्ट्रेस की जान बचाई थी। सुनील पहले से ही नरगिस को चाहते थे और इस हादसे के बाद उन्होंने नरगिस के दिल में एक खास जगह बना ली थी। फिल्म रिलीज होने के अगले साल 1958 में दोनों ने शादी कर ली। दोनों के दो बच्चे सुनील और नम्रता हैं।

मदर इंडिया फिल्म के सेट पर हुए हादसे के बाद सुनील के पास बैठी हुईं नरगिस।

मदर इंडिया फिल्म के सेट पर हुए हादसे के बाद सुनील के पास बैठी हुईं नरगिस।

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