खुद को बचाने के लिए छातों, टोपी, छड़ी का इस्तेमाल कर रहे है लोग। - Dainik Bhaskar

3 घंटे पहलेलेखक: एम्मा बुबोला

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खुद को बचाने के लिए छातों, टोपी, छड़ी का इस्तेमाल कर रहे है लोग। - Dainik Bhaskar

खुद को बचाने के लिए छातों, टोपी, छड़ी का इस्तेमाल कर रहे है लोग।

गुरुवार की दोपहर इटली की राजधानी रोम में अजीबोगरीब नजारा देखने को मिला। न तो बारिश हो रही थी और न ही धूप थी। लेकिन सैंकड़ों लोग छाते लेकर घूमते दिखे। इतना ही नहीं, कई लोगों ने तो जैकेट या टी-शर्ट से अपने सिर ढंक रखे थे, तो कुछ लोग हाथों में छड़ियां लेकर घूम रहे थे। खास बात यह है कि यह किसी फैन्सी ड्रेस शो या किसी आयोजन का हिस्सा नहीं है, बल्कि वे ऐसा कौवों के हमलों से बचने के लिए कर रहे थे। दरअसल, रोम में इन दिनों कौवों की आबादी तेजी से बढ़ गई है और अपने बच्चों को बचाने की खातिर कौवे अब झुंड में आकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। हालात ये हो गए हैं कि इनके हमलों में कई लोग घायल हो गए हैं, जिन्हें अस्पतालों में इलाज करवाना पड़ा है। 66 साल की पाओला भी इन्हीं में से एक हैं। कौवों ने उनके बाल नोंचे, सिर में चोंच मारी और यहां तक कि अपने पंजों से कपड़े भी फाड़ दिए।

पाओला कहती हैं, वे हर कहीं हैं। स्थानीय वकील एलिसबेता जियाननुबिलो कहती हैं, ‘इन कौवों के डर से अब मेरी मां मुझसे मिलने नहीं आती।’ 18 साल की छात्रा फ्लाविया कहती हैं, ‘मैं मुख्य द्वार से स्कूल नहीं जा सकती क्योंकि मैं बहुत डरी हुई हूं।’ रोम के लोग पहले से ही शिकारी पक्षी सी-गल की परेशानी से जूझ रहे हैं। इस मौसम में उत्तरी यूरोप से भारी संख्या में सी-गल पहुंचते हैं। अभी शहर में करीब एक लाख सी-गल हैं।

वसंत के मौसम में बढ़ जाती है कोवों की संख्या

रोम में हर साल वसंत के मौसम में कौवों की आबादी तेजी से बढ़ जाती है। इस दौरान वे इंसानों को सबसे बड़ा खतरा मानने लगते हैं और अपने बच्चों को बचाने के लिए लोगों पर हमले करने लगते हैं। कई बार तो इनका आतंक इतना बढ़ जाता है कि राजधानी में कौवों की ज्यादा आबादी वाले कई इलाकों से तो लोग आना-जाना ही छोड़ देते हैं।

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