fauji calling, Bidita Bag

‘OTT को सेंसरशपि (Censorship on OTT) की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन जबरदस्‍ती कंट्रोवर्सी पैदा करने वाले मेकर्स को भी समझना चाहिए.’ ये कहना है एक्‍ट्रेस ब‍िद‍िता बाग (Bidita Bag) का जो पिछले कुछ समय से कई वेब सीरीज में नजर आ चुकी हैं. बंगाली, असमी और हिंदी फिल्‍मों में नजर आ चुकी ब‍िद‍िता अब जल्‍द ही फिल्‍म ‘फौजी कॉल‍िंग’ (Fauji Calling) नाम की फिल्‍म में एक फौजी की पत्‍नी के क‍िरदार में नजर आने वाली हैं. ऐसे में अपनी फिल्‍म के साथ ही ब‍िद‍िता ने कई मुद्दों पर न्‍यूज18 ड‍िज‍िटल के साथ खास मुलाकात की.

पिछले द‍िनों कई वेब सीरीज अपने व‍िवादित कंटेंट के चलते सुर्खियों में आई. ज‍िसके बाद वेब पर सेंसरशिप की मांग तेज होने लगी है. इसी सवाल पर अपनी बात रखते हुए ब‍िदिता ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि हमें क‍िसी एडल्‍ट को ये बताना चाहिए क‍ि उन्‍हें क्‍या देखना चाहिए और क्‍या नहीं. मुझे कभी भी सेंसरशिप समझ नहीं आई और मैं इसके हमेशा ख‍िलाफ रही हूं. लेकिन ये बात भी सही है कि मेकर्स, एक्‍टर्स को भी अपनी ज‍िम्‍मेदारी समझनी चाहिए.’

ब‍िदिता ने आगे कहा, ‘सेंसरशिप की जरूरत नहीं है लेकिन स‍िर्फ कंट्रोवर्सी करने के लिए धार्मिक भावनाओं को भड़काना या सॉफ्ट पॉर्न जैसी चीजें कंटेंट के नाम पर परोसना भी गलत है. इसकी ज‍िम्‍मेदारी खुद मेकर्स को और एक्‍टर्स को लेनी चाहिए.’

fauji calling, Bidita Bag

फ‍िल्‍म ‘फौजी कॉल‍िंंग’ का एक सीन.

वहीं अपनी फिल्‍म ‘फौजी कॉल‍िंग’ पर ब‍िद‍िता बताती हैं क‍ि वो इस रोल के ल‍िए भले ही क‍िसी फौजी पत्‍नी से जाकर नहीं म‍िलीं लेकिन उन्‍होंने अपनी ज‍िंदगी में कई परिवार देखे हैं, ज‍िन्‍होंने अपना बेटा फौज में भेजा है. ब‍िद‍िता ने कहा, ‘हम सब तो स‍िर्फ देशभक्ति की बातें करते हैं, असली देशभक्ति तो उन जवानों की और उनके परिवारों की होती है, जो इसे न‍िभाते हैं.’

fauji calling, Bidita Bag

वहीं फिल्‍म में अपनी बेटी का क‍िरदार न‍िभा रही नन्‍हीं एक्‍ट्रेस के बारे में ब‍िद‍िता ने कहा, ‘मैंने कई छोटे बच्‍चों के साथ फिल्‍मों में काम क‍िया है, लेकिन ये बच्‍ची काफी होशियार थी. इसे हमारे भी डायलॉग याद होते थे. मैं जब इसकी उम्र की थी तो शायद उस समय सही से अपना नाम भी नहीं बता पाती होंगी, लेकिन ये बच्‍ची बहुत कॉन्‍फिडेंट है.’