कोवीशील्ड को यूरोप में मंजूरी न मिलने से भारत के लोगों को यूरोप यात्रा में दिक्कत हो रही है। उन्हें यूरोप में क्वारैंटाइन किया जा रहा है।- फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

29 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
कोवीशील्ड को यूरोप में मंजूरी न मिलने से भारत के लोगों को यूरोप यात्रा में दिक्कत हो रही है। उन्हें यूरोप में क्वारैंटाइन किया जा रहा है।- फाइल फोटो। - Dainik Bhaskar

कोवीशील्ड को यूरोप में मंजूरी न मिलने से भारत के लोगों को यूरोप यात्रा में दिक्कत हो रही है। उन्हें यूरोप में क्वारैंटाइन किया जा रहा है।- फाइल फोटो।

यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (EMA) को कोरोना वैक्सीन कोवीशील्ड के ऑथराइजेशन के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) से कोई आवेदन नहीं मिला है। EMA ने कहा कि यूरोपीय संघ में इस्तेमाल के लिए डेवलपर को EMA को फॉर्मल मार्केटिंग ऑथराइजेशन एप्लिकेशन देनी होती है, लेकिन कोविशील्ड ने अभी तक नहीं दी है।

यूरोपीय संघ ने करीब 15 दिन पहले EU डिजिटल कोविड सर्टिफिकेट पेश किया था, जिसे दिखाकर वहां पर यात्रा की जा सकती है। EMA ने कोरोना काल में यूरोप में यात्रा के लिए अब तक चार टीकों मंजूरी दी है। ये हैं- फाइजर/बायोएनटेक, मॉडर्न की स्पाइकवैक्स, एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड और जॉनसन एंड जॉनसन की जेनसेन।

मंजूरी न मिलने से वैक्सीन लगाने के बाद भी क्वारैंटाइन होना पड़ रहा
कोवीशील्ड को मंजूरी न मिलने से भारत के लोगों को यूरोप जाने में दिक्कत हो रही है। यह वैक्सीन लगवाने वालों को यूरोप में क्वारैंटाइन किया जा रहा है। यहां तक ​​​​कि कुछ यूरोपीय देशों में ऐसे लोगों को एंट्री भी नहीं मिल रही है। हालांकि, कई यूरोपीय देशों ने स्वतंत्र रूप से कोवीशील्ड को मंजूरी भी दी है।

EU ने कोवीशील्ड के लिए मंजूर नहीं किया था ग्रीन पास
इससे पहले फरवरी में ग्रीन पास के लिए यूरोपीय संघ ने कोवीशील्ड को मंजूरी नहीं दी थी। EMA ने कहा था कि कोवीशील्ड के पास यूरोपियन यूनियन के देशों में अपनी वैक्सीन बेचने की मंजूरी नहीं है। इसलिए यह फैसला लिया गया। कोरोना काल में ग्रीन पास EU यात्रा के लिए एक तरह का वैक्सीन पासपोर्ट था।

सीरम इंस्टीट्यूट के CEO बोले- जल्द हल निकलने की उम्मीद
सीरम इंस्टीट्यूट के CEO अदार पूनावाला ने पिछले महीने कहा था कि वे इस मसले को रेगुलेटर्स और डिप्लोमेट्स के लेवल पर उठा रहे हैं और उम्मीद है कि जल्द ही इसका हल निकलेगा।

भारत में मिले डेल्टा वैरिएंट को लेकर यूरोप में अलर्ट
यूरोपीय सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल (ECDC) ने कुछ दिनों पहले कोरोना संक्रमण को लेकर बड़ा दावा किया था। ECDC ने कहा था कि डेल्टा वैरिएंट अन्य वैरिएंट के मुकाबले तेजी से ट्रांसमिट हो रहा है। अनुमान है कि अगस्त के अंत तक आने वाले 90% नए मामले डेल्टा वैरिएंट के होंगे।​​​​​ डेल्टा वैरिएंट (B.1.617.2), अल्फा वैरिएंट (Β.1.1.7) की तुलना में 40 से 60% ज्यादा तेजी से फैल रहा है। बता दें डेल्टा वैरिएंट का पहला केस भारत में ही मिला था।

खबरें और भी हैं…