Donald Trump China | former US president Trump ask China to pay 10 trillion dollars for its role in the coronavirus pandemic | डोनाल्ड ट्रम्प बोले- US और दुनिया को 10 हजार अरब डॉलर दे चीन, उसने महामारी फैलाई और लाखों लोग मारे गए

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वॉशिंगटन5 मिनट पहले

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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर आरोप लगाया है कि कोरोनावायरस चीन की वजह से फैला। शुक्रवार को जारी एक बयान में ट्रम्प ने चीन से अमेरिका और दुनिया को हुए नुकसान की भरपाई करने को कहा। ट्रम्प ने कहा- चीन अमेरिका और दुनिया को 10 हजार अरब डॉलर दे। उसने दुनिया को मौत और तबाही दी है। अब हर आदमी और यहां तक कि कथित दुश्मनों ने भी यह कहना शुरू कर दिया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प सही दावा करते थे कि कोरोना चीनी वायरस है और वुहान के लैब से ही फैला।

यह पहली बार नहीं जब ट्रम्प ने कोरोना को चीनी वायरस कहा हो। पिछले साल राष्ट्रपति चुनाव के दौरान उन्होंने कई बार इसका जिक्र किया और यहां तक दावा किया था कि उनके पास चीनी साजिश के सबूत मौजूद हों। नई बात ये है कि इस बार उन्होंने दुनिया और अमेरिका के नुकसान की भरपाई की मांग की है।

एंथनी फौसी से भी नाराज
चीन पर हमला बोलने वाले ट्रम्प डॉक्टर एंथनी फौसी से भी नाराज हैं। जब ट्रम्प राष्ट्रपति थे तो फौसी कोरोना टास्क फोर्स में थे। कई मौकों पर दोनों के बीच अनबन की खबरें आईं थीं। फौसी मास्क, लॉकडाउन और सोशल डिस्टैंसिंग पर जोर देते थे, जबकि ट्रम्प कोरोना को फ्लू और चीनी वायरस बताते रहे। इस बार भी ट्रम्प ने फौसी पर नाम लेकर तंज कसा। कहा- डॉक्टर फौसी को भी कई सवालों के जवाब देने होंगे। ट्रम्प ने जिस ‘कथित दुश्मन’ शब्द का इस्तेमाल किया है, उसका इशारा भी फौसी की तरफ ही ज्यादा समझा जा रहा है।

हजारों अमेरिकियों की जान बचाई
ट्रम्प के मुताबिक- उन्होंने डॉक्टर फौसी की बात न मानकर हजारों अमेरिकी नागरिकों की जान बचाई। वैसे, ट्रम्प के इस ताजा बयान का एक पहलू और है। कुछ दिन पहले डॉक्टर फौसी के कुछ मेल लीक हुए थे। इन्हें देखकर लगता है कि फौसी कोरोना के ओरिजन की हकीकत जानते थे, लेकिन इसे सबके सामने जाहिर करने से परहेज करते रहे। ट्रम्प ने कहा- चीन और फौसी के बीच जो सम्पर्क हुआ वो इतना पुख्ता है कि कोई उसे नजरअंदाज नहीं कर सकता। जब मैंने यही बातें की थीं तो मुझे सनकी कहा गया था।

अब फौसी की चीन से मांग
शुक्रवार को ही एक इंटरव्यू में डॉक्टर फौसी ने कहा- मैं चीन में 2019 में बीमार हुए उन 9 लोगों के मेडिकल रिकॉर्ड्स देखना चाहता हूं, जो अब तक सामने नहीं आए। इससे हम यह पता लग सकते हैं कि यह मामला किसी लैब लीक से जुड़ा है या नैचुरल वायरस है। मैं जानना चाहता हूं कि क्या वो लोग हकीकत में बीमार हुए थे? और अगर वे वास्तव में बीमार हुए थे उनमें क्या लक्षण थे, वे कैसे बीमार हुए?

प्रेसिडेंट रहते हुए ट्रम्प के चीन पर 5 बयान

  • चीन ने जो कुछ किया है, अमेरिका उसको भूलने वाला नहीं है। जब तक प्लेग (कोविड-19 को ट्रम्प ने फ्लू और प्लेग बताया था) नहीं आया था, तब तक हम उनसे बहुत आगे थे।
  • चीन में क्या हो रहा है, ये कोई नहीं जानता। क्योंकि, किसी ने कुछ देखा नहीं है।
  • इसमें कोई शक नहीं कि कोरोनावायरस चीन से ही निकला। उन्हें इसे बाहर नहीं निकलने देना चाहिए था। वहीं रोक लेना था। चीन यह काम आसानी से कर सकता था। लेकिन, वे इसे रोकना नहीं चाहते थे। नतीजा अब दुनिया देख रही है।
  • कोरोनावायरस वुहान के लैब से निकला और अमेरिका के पास इसके सबूत हैं। हम कुछ और रिपोर्ट्स का इंतजार कर रहे हैं। ये वायरस यूरोप, अमेरिका और पूरी दुनिया को चपेट में ले चुका है। चीन में ट्रांसपेरेंसी जैसी कोई चीज नहीं है।
  • मैं चीन के साथ बातचीत करने को तैयार नहीं हूं। चीन ने अमेरिका और दुनिया के साथ जो किया है, वह सोच से परे है।

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