सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून को आदेश दिया था कि 6 हफ्ते में NDMA को सहायता राशि तय कर गाइडलाइंस बना लेनी चाहिए। - Dainik Bhaskar

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38 मिनट पहले

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सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून को आदेश दिया था कि 6 हफ्ते में NDMA को सहायता राशि तय कर गाइडलाइंस बना लेनी चाहिए। - Dainik Bhaskar

सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून को आदेश दिया था कि 6 हफ्ते में NDMA को सहायता राशि तय कर गाइडलाइंस बना लेनी चाहिए।

कोरोना मृतकों के परिवारों को सहायता राशि देने की गाइडलाइन तय करने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से 4 हफ्ते का वक्त और मांगा है। केंद्र की तरफ से मंगलवार को इसकी अर्जी लगाई गई। इससे पहले 30 जून को सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) को आदेश दिया था कि 6 हफ्ते में गाइडलाइंस तय की जाएं।

अब केंद्र ने कहा है कि NDMA इस पर सक्रियता से काम कर रहा है और यह एडवांस स्टेज में है। लेकिन इसे फाइनल करने और लागू करने से पहले गहराई से पड़ताल की जरूरत है। इसके लिए कुछ और समय चाहिए। बता दें सुप्रीम कोर्ट के 30 जून के आदेश से 6 हफ्ते अगस्त के मध्य में पूरे हो रहे थे, लेकिन केंद्र के 4 हफ्ते और समय मांगने से यह सितंबर तक जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ने 30 जून के फैसले में यह आदेश भी दिया था कि डेथ सर्टिफिकेट इश्यू करने और उनमें सुधार करने की प्रक्रिया आसान बनाई जाए। साथ ही कहा था कि जिनकी मौत कोरोना से हुई है उनके सर्टिफिकेट पर यह लिखा होना चाहिए, ताकि उनके परिवार वालों को योजनाओं का फायदा मिल सके।

सुप्रीम कोर्ट ने दो अलग-अलग याचिकाओं को लेकर यह फैसला दिया था। ये याचिकाएं वकील रीपक कंसल और गौरव कुमार बंसल की तरफ से दायर की गई थीं। इन्होंने कोरोना से जान गंवाने वालों के परिवारों को 4 लाख रुपए की राशि देने की मांग की थी। हालांकि कोर्ट ने कहा कि वह 4 लाख रुपए का कंपेनसेशन देने का आदेश तो नहीं दे सकता, लेकिन NDMA को रकम तय करनी चाहिए।

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