ब्रामेअर्त्स का कहना है कि अब इस कसाई के पास आगे अपील की कोई गुंजाइश नहीं बची है। ये कोर्ट का आखिरी फैसला है। - Dainik Bhaskar

  • Hindi News
  • International
  • Bosnian Butcher’s Last Appeal Rejected, Life Sentence To Continue; Is Guilty Of Killing 8 Thousand People

6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
ब्रामेअर्त्स का कहना है कि अब इस कसाई के पास आगे अपील की कोई गुंजाइश नहीं बची है। ये कोर्ट का आखिरी फैसला है। - Dainik Bhaskar

ब्रामेअर्त्स का कहना है कि अब इस कसाई के पास आगे अपील की कोई गुंजाइश नहीं बची है। ये कोर्ट का आखिरी फैसला है।

  • 1995 में हुए नरसंहार में लोगों के साथ मासूम बच्चे भी मारे गए थे

मार्लिस सिमंस और मार्क सैंटोरा

दुनिया में ‘बोस्निया का कसाई’ नाम से मशहूर रात्को म्लादिच एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, संयुक्त राष्ट्र अपराध ट्रिब्यूनल ने उसकी सजा को कम करने वाली आखिरी अपील खारिज कर दी है। अब उसकी सजा मरते दम तक जारी रहेगी। इस फैसले पर बेल्जियम के वकील सर्गे ब्रामेअर्त्स और बोस्निया के लोगों ने खुशी जताई है। ब्रामेअर्त्स का कहना है कि अब इस कसाई के पास आगे अपील की कोई गुंजाइश नहीं बची है। ये कोर्ट का आखिरी फैसला है।

रात्को म्लादिच का नाम सुनते ही आज भी बोस्नियाई नागरिकों के चेहरे डर के कारण पीले पड़ जाते हैं। ये वो शख्स है, जिसे 8 हजार लोगों के नरसंहार का दोषी माना गया था। इसके लिए उसे उम्र कैद की सजा भी सुनाई गई है। इस नरसंहार के लिए सर्बियाई राष्ट्रपति स्लोबोदान मीलोसेविच और सर्ब नेता रादोवान कारादजिक पर भी मुकदमा चलाया गया था।

द इंटरनेशनल क्रिमिनल ट्रिब्यूनल फॉर द फॉर्मर युगोस्लाविया (आईसीटीवाई) ने म्लादिच को 40 साल की सजा सुनाई थी, जबकि मिलोसेविक की ट्रायल के दौरान ही मौत हो गई थी। म्लादिच ने निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाई थीं।

1992 में इस घटना की शुरुआत एक जनमत संग्रह से हुई थी। इसमें जहां बोस्निया और क्रोएशिया के नागरिकों ने आजादी के पक्ष में अपना मत दिया था, वहीं सर्ब लोगों ने इसके खिलाफ वोट दिया था। आजादी चाहने वालों का मुंह बंद करने के लिए म्लादिच ने सेना का सहारा लिया था।

दूसरे विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ा नरसंहार का मामला

जनरल म्लादिच के आदेश पर जुलाई 1995 में सर्ब सेना ने 8 हजार से ज्यादा बोस्नियाई मुसलमानों का कत्ल कर दिया था। इनमें मासूम बच्चे भी शामिल थे। दूसरे विश्व युद्ध के बाद से यूरोप में हुआ ये सबसे बड़ा नरसंहार का मामला था। इसे लेकर 2017 में अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्रिब्यूनल ने म्लादिच को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

खबरें और भी हैं…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here