Actress Pooja Bedi asks if court calling Juhi Chawla's 5G case publicity stunt is fair | जूही चावला के सपोर्ट में उतरीं पूजा बेदी, लोगों से पूछा-क्या यह उचित है कि हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को पब्लिसिटी स्टंट बताकर खारिज कर दिया?

10 मिनट पहले

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दिल्ली हाईकोर्ट ने 5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ लगाई गई एक्ट्रेस जूही चावला की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने जुही पर 20 लाख का जुर्माना भी लगाया और कहा था कि ये याचिका कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है। याचिका पब्लिसिटी हासिल करने के लिए दाखिल की गई थी। कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में अब एक्ट्रेस पूजा बेदी ने जूही चावला का सपोर्ट किया है।

65% लोगों ने अदालत के फैसले को अनुचित बताया
पूजा बेदी ने सोशल मीडिया पर एक पोल क्रिएट कर लोगों से सवाल पूछे हैं। उन्होंने लिखा, “यह देखते हुए कि जूही कई सालों से EMF और सेलफोन टावरों के खिलाफ खड़ी हैं। क्या आपको लगता है कि यह उचित है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 5G टेक्नोलॉजी के खिलाफ लगाई गई उनकी याचिका को पब्लिसिटी स्टंट बताकर खारिज कर दिया? कोई सिलेब्रिटी बिना पब्लिसिटी स्टंट के कभी कोई कदम नहीं उठा सकता है क्या?” पूजा के इस पोल पर टोटल अब तक 260 वोट मिले हैं। जिसमें 65% ने अदालत के फैसले को अनुचित बताया। जबकि बाकी 35% ने कोर्ट के पक्ष में वोट किया।

मैं उनकी पहल की सराहना करता हूं, चाहे कुछ भी हो जाए
पूजा बेदी के इस पर पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने उनका समर्थन किया। एक यूजर ने लिखा, “कोर्ट के इस फैसले के बाद अब भविष्य में अन्य कोई भी बॉलीवुड सिलेब्रिटी सार्वजनिक चिंताओं को उठाने में दस बार सोचेगा। यह अक्सर कहा जाता है कि वे समाज और राष्ट्र के लिए आगे नहीं आते हैं। मैं उनकी पहल की सराहना करता हूं, चाहे कुछ भी हो जाए।”

जूही को पब्लिसिटी की कोई जरूरत नहीं, वे काफी प्रसिद्ध हैं
एक दूसरे यूजर ने लिखा, “हम उनकी लड़ाई का समर्थन करते हैं। कम से कम अदालतें दूरसंचार कंपनियों को जवाब देने का निर्देश दे सकती थीं? हमेशा की तरह, आम लोगों के पक्ष में कोई नहीं होता है।” अन्य यूजर ने लिखा, “अपने देश के लोगों के स्वास्थ्य के बारे में चिंतित जूही को अब पब्लिसिटी की कोई जरूरत नहीं है। वे पहले से ही काफी प्रसिद्ध हैं।”

याचिका में जूही ने क्या कहा था?
जूही चावला ने 5G टेक्नोलॉजी लागू किए जाने से पहले इंसानों और पशु-पक्षियों पर इसके असर की जांच करने की अपील दिल्ली हाईकोर्ट से की थी। जूही ने अदालत से मांग की थी कि 5G टेक्नोलॉजी के इम्प्लीमेंटेशन से पहले इसे जुड़ी तमाम स्टडीज को गौर से पढ़ा जाए। खासतौर पर रेडिएशन के प्रभाव की जांच हो। साथ ही यह भी साफ किया जाए कि इस टेक्नोलॉजी से देश की मौजूदा और आने वाली पीढ़ी को किसी तरह का नुकसान तो नहीं है।

जूही चावला अक्सर मोबाइल टावरों से निकलने वाले हानिकारक रेडिएशन की मुखालफत करती रही हैं और इसे लेकर लोगों को जागरूक भी करती रही हैं। 2008 में उन्होंने महाराष्ट्र के तत्कालीन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेटर लिखकर मोबाइल टावर और वाई-फाई हॉटस्पॉट से निकलने वाले रेडिएशन से मानव जाति, पशु-पक्षियों और पेड़-पौधों को होने वाले नुकसान के प्रति आगाह किया था।

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