81 enterprises across the country conferred with MSME Honors (Central and East Zone) by Tally Solutions | टैली सॉल्यूशंस द्वारा देशभर में 81 उद्यम MSME ऑनर्स से नवाजे गए

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नई दिल्ली32 मिनट पहले

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छोटे और लघु उद्यमों (SMB) को बिजनेस मैनेजमेंट सॉल्यूशन मुहैया कराने वाली दिग्गज सॉफ्टवेयर प्रॉडक्ट्स कंपनी टैली सॉल्यूशंस ने अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस के अवसर पर देशभर में MSME ऑनर्स का पहला संस्करण लॉन्च किया। इसके माध्यम से टैली सॉल्यूशंस का मकसद जमीनी स्तर पर उनकी सर्वोत्तम सेवाओं के माध्यम से विविधता, अविश्वसनीय योगदान और एमएसएमई के सकारात्मक प्रभाव का जश्न मनाना है।

ये सम्मान चार जोन (ईस्ट, वेस्ट, नॉर्थ और साउथ) में पांच कैटेगरी में दिए गए हैं-

  1. बिजनेस वेटरंस: उन दिग्गजों को पहचानना जो समय की कसौटी पर खरे उतरे हैं और लगातार बढ़ते और बढ़ते ही चले गए।
  2. डिजिटल ट्रांसफॉर्मर्स: यह डिजिटाइजेशन और नई टेक्नोलॉजी को अपनाकर कारोबार को बेहतर बनाने वालों के लिए है।
  3. वंडर विमन इन MSME: उन महिला उद्यमियों को पहचानना जिन्होंने रूढ़ियों से आगे निकलते हुए आत्मविश्वास के साथ अपनी व्यावसायिक यात्रा को एक पहचान दी।
  4. सोशल पैट्रंस: उन लोगों को पहचानना जिन्होंने परीक्षण के समय में लाभ से पहले सामाजिक हित को सर्वोपरि रखा।
  5. आइडिया आइकंस: उन विचारों और नवाचारों को पहचानना जो परिवर्तन का नेतृत्व करते हैं।

अपने पहले संस्करण में, एमएसएमई ऑनर्स को सभी श्रेणियों में 700 से अधिक नामांकन के साथ जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। इन नामांकनों को शुरू में एक आंतरिक टैली पैनल द्वारा और फिर एक सम्मा नित जूरी द्वारा पुनरीक्षित किया गया था जिसमें सीए अतुल गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष, आईसीएआई, बीसी भरतिया, अध्यक्ष, सीएआईटी और पुलक बाजपेयी, उप संपादक और प्रमुख व्यापार अनुभाग, dainikbhaskar.com शामिल थे।

अवार्ड देने की प्रक्रिया में जूरी मेंबर ने पारदर्शिता बरती। उन्हीं लोगों का चुनाव किया जो वाकई इन कैटेगरी में सही बैठते हैं। सभी जूरी मेंबर्स और सम्मान देने के लिए आए विशेष अतिथियों ने टैली के इस कदम का काफी सराहा भी।

जूरी ने कुल 81 व्यवसायों का चयन किया जिन्हें अलग-अलग श्रेणियों और क्षेत्रों में सम्मानित किया गया। सम्मानित किए गए लोगों में ये दिग्गज शामिल हैं…

कैटेगरी: बिजनेस वेटरंस​​​​​​​​​​​​​​

शिबाजी अग्रवाल, अग्रवाल स्टोर्स, दक्षिण दिनाजपुर, पश्चिम बंगाल
लगभग 40 साल पहले पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में साइकिल मरम्मत की दुकान से शुरू हुआ इनका कारोबार आज फैलकर होलसेल और रिटेल बिजनेस में बदल गया है। इन्होंने बेहतर कस्टमर सपोर्ट और गुडविल की मदद से एक्सपोर्ट और इंपोर्ट के क्षेत्र में भी कदम रखा है।

वैभव कुमार अग्रवाल, नॉरेक्स फ्लेवर्स, धनौरा, उत्तर प्रदेश
1994 में उत्तर प्रदेश के धनौरा में शुरू हुई कंपनी मेंथॉल, मिंट ऑयल, एसेंसियल ऑयल, फूड फ्लेवर और फ्रेगरेंस में कारोबार करती है। एक दशक पहले कंपनी ने अपनी यूनिटों को WHO GMP के नियमों के हिसाब से अपग्रेड किया था, उनमें AHU सिस्टम, टेंपरेचर कंट्रोल सिस्टम लगाया था और फ्रैक्शनल डिस्टिलेशन प्रोसेस का ऑटोमेशन किया था। इससे कंपनी को 500 से ज्यादा घरेलू और 50 से ज्यादा विदेशी कस्टमर तक पहुंच बनाने में मदद मिली थी।

राजीव जयपुरिया एवं संजीव जयपुरिया, रवि पंखा इंडिया, वाराणसी, उत्तर प्रदेश
1975 में शुरू हुई वाराणसी की यह कंपनी पंखे बनाने वाली क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों में एक है। बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रौद्योगिकी में लगातार सुधार करने, पंखे को किफायती की कवायद और बेहतर आफ्टर सेल्स सर्विस के चलते कंपनी आमदनी में 15-20% सालाना आधार पर बढ़ोतरी हासिल करती रही है।

सुधीर बत्रा और दीपक खट्टर, मर्करी ड्राईक्लीनर्स, कानपुर, उत्तर प्रदेश
1959 में सिर्फ एक आउटलेट से शुरुआत करने वाली मर्करी ड्राईक्लीनर्स आज कानपुर में ड्राईक्लीनिंग और लॉन्ड्री बिजनेस में जाना माना नाम है। इनके 10 से ज्यादा आउटलेट में लेटेस्ट इटैलियन हाइड्रोकार्बन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता है। इससे कंपनी को पिछले 45 साल में कारोबार को 100 गुना से ज्यादा बढ़ाने में मदद मिली है।

अशोक कुमार पत्रा, श्रीकांत एजेंसी, भुवनेश्वर, उड़ीसा
​​​​​​​यह कारोबार 35 साल पहले शुरू हुआ था। तब यह TMT बार, सीमेंट और पेंट का डिस्ट्रीब्यूशन करती थी। बाद में यह एजेंसी ट्रांसपोर्टेशन बिजनेस में भी आ गई। अच्छी गुणवत्ता और समय पर डिलीवरी की बदौलत कंपनी ने 2500 से ज्यादा ग्राहक बना लिए हैं। इनमें से 350 इनके नियमित ग्राहक हैं।

मोहम्मद सलाउद्दीन, मुन्ना अगरबत्ती कंपनी, मुजफ्फरपुर, बिहार
मुजफ्फरपुर के इस व्यवसाय की शुरुआत 1984 में हुई थी यहां धूपबत्ती बनाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। जिसके चलते इन्हें कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार भी मिले हैं। 250 से अधिक वितरकों और इन-हाउस अनुसंधान और विकास के लिए समर्पित सुविधाओं के साथ, यह लगातार अपनी तरक्की से आसमान छू रहा है।

कैटेगरी: आइडिया आइकंस​​​​​​​​​​​​​​

सचिन हेलीवाल, धनबाद रॉक वूल इंसुलेशन, धनबाद, झारखंड
​​​​​​​ये उद्यम एक ऐसे आइडिया के साथ सामने आया जिसके तहत इंसुलेशन वूल का निर्माण पत्‍थरों से किया जाता है और इसे कई तरह के तरह के इंडस्ट्री इंसुलेशन जरूरत के हिसाब से वितरित किया जाता है। इससे इनके ग्राहक बेहतरीन गुणवत्ता से बेहद संतुष्ट व खुश हैं और इस व्यापार को एक नया आयाम मिला है।

रुचि मंडल और श्रवण कुमार रॉय, सुमित्रा फूड्स एंटरप्राइजेज, दरभंगा, बिहार
​​​​​​​दरभंगा से, इस व्यवसाय ने कमल के बीजों को परिष्कृत और पैकेजिंग करने के लिए न सिर्फ नए तरीकों को लागू किया, बल्कि उनकी दीर्घायु में सुधार के साथ उसके स्वाद को बरकरार रखने के लिए भी प्रशंसनीय कार्य कियाा। इस परिणाम से न केवल राजस्व में वृद्धि हुई है, बल्कि ग्राहकों की संतुष्टि भी बढ़ी है।

किशोर छाबड़ा, सचित छाबड़ा एवं अनुपमा छाबड़ा, रॉक इंजिन्स, उज्जैन, मध्य प्रदेश
​​​​​​​उज्जैन की कंपनी अपने पेटेंटशुदा प्रॉडक्ट “मल्टी-फंक्शनल क्विक ऑयल चैंबर क्लीन मशीन” के लिए जानी जाती है। अब तक इसकी 18,000 से ज्यादा यूनिटें देशभर में लग चुकी हैं। उसके इस आविष्कार ने IOCL, BPCL, HPCL, RIL जैसी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMC) को रिटेल आउटलेट्स पर लुब्रिकेंट की बिक्री में 100 गुना बढ़ोतरी हासिल करने में मददगार रही है। ग्राहकों को बेहतर माइलेज और पिक-अप, कम इंजन नॉइज और एमिशन का फायदा मिल रहा है।

अतुल गोयल और प्रणय गोयल, हजारे सेल्स प्राइवेट लिमिटेड, सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल)
सिलीगुड़ी की इस कंपनी ने रुपए-पैसों, पर्स वॉलेट, मोबाइल फोन वगैरह के लिए देश का पहला सैनिटाइजर बॉक्स लॉन्च किया है। UV टेक्नोलॉजी पर काम करने वाला यह बॉक्स हर तरह के विषाणु, फंगस, जीवाणु को दूर रखता है। कंपनी को इससे कस्टमर को बेहतर प्रॉडक्ट मुहैया कराने और प्रॉफिट मार्जिन बढ़ाने में मदद मिली है।

कैटेगरी: डिजिटल ट्रांसफॉर्मर्स​​​​​​​​​​​​​​

मोहम्मद सईद कडवा एवं एस गणेश कुमार, अंडमान एक्सकर्शन, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
​​​​​​​पोर्ट ब्लेयर की टूर एंड ट्रैवल कंपनी ने इंटरनेट कनेक्टिविटी की चिंताओं के बीच कारोबार शुरू किया था। उसके चलते ईमेल के जरिए बुकिंग करना मुश्किल काम था। बाद में कंपनी ने पेमेंट गेटवे से लैस एक डायनेमिक इंटरैक्टिव वेबसाइट शुरू की, जिससे उनके ग्राहकों के लिए बुकिंग करना आसान हो गया और रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी हुई।

रोहित अग्रवाल, एग्रीकेयर, देवरिया, उत्तर प्रदेश
देवरिया का यह उद्यम चुनिंदा इलाकों में किसानों को दुकानों के जरिए सर्विस और प्रॉडक्ट ऑफर करता था। डिजिटल सॉल्यूशन अपनाने के बाद इसकी पहुंच समूचे उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के कुछ इलाकों तक हो गई है। यह किसानों ही नहीं, एग्री इनपुट बेचने वाले रिटेलरों को भी सर्विस देती है।

मोहम्मद अजमल खान, दुर्रानी कंसॉलिडेट्स, नौरंगपुर, उड़ीसा
​​​​​​​उड़ीसा के नौरंगपुर की यह कंपनी वन्य उत्पादों का कारोबार करती है। इसने कारोबार की शुरुआत एजेंटों के जरिए की थी। बाद में इसने डिजिटल टूल का इस्तेमाल शुरू कर दिया। इसका ऐप केंदू के पत्ते तोड़ने वालों को देशभर के सेलर्स से कनेक्ट कराता है। इससे उनकी आमदनी में काफी बढ़ोतरी हुई है।

सब्यसाची पुजारी, सुनिवेश इंडिया, झारसूगुड़ा, उड़ीसा
​​​​​​​उड़ीसा के झारसूगुड़ा की यह स्टार्टअप ऐप के जरिए ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सर्विस मुहैया कराती है। कंपनी बैंकिंग का काम गांव की औरतों की टीम- बैंकसखी के जरिए चलाती है। कंपनी बैंकसखी के जरिए ग्रामीणों का वित्तीय लेनदेन कराती है।

पुनीत अग्रवाल, न्यूटेक कंप्यूटर्स, गुवाहाटी, असम
​​​​​​​गुवाहाटी की कंपनी को दूर दराज के इलाकों में ग्राहकों तक पहुंच बनाने में मुश्किल आ रही थी। इसके लिए कंपनी ने डिजिटल मार्केटिंग का सहारा लिया। कंपनी ने वॉट्सऐप और फेसबुक के जरिए अपने ब्रांड का प्रचार किया। अब यह ग्राहकों के बीच जाना माना ब्रांड हो गई है और इससे कंपनी की आमदनी में भी इजाफा हुआ है।

कैटेगरी: वंडर विमन​​​​​​​​​​​​​​

संगीता झा, JNJ इंजीनियरिंग, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
​​​​​​​कोलकाता की यह वंडर वुमन अपने PWP – पीरियड विद प्राइड, प्रोग्राम के लिए जानी जाती हैं। इस प्रोग्राम के जरिए बच्चियों और ग्रामीण महिलाओं को माहवारी के दौरान स्वच्छता बरतने को लेकर जागरूक किया जाता है। उनको किफायती सैनेटरी नैपकिन मुहैया कराया जाता है।

रशिका जैन, वीडियो फैक्टरी, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
​​​​​​​कोलकाता की इस वीडियो प्रॉडक्शन कंपनी को इस वंडर वुमन ने एक एंप्लॉयी के साथ शुरू किया था। आज यह 25 से ज्यादा की टीम बन गई है और इसने 400 से ज्यादा क्लाइंट की 1000 से ज्यादा कामयाबी की कहानी को कैद किया है।

सीमा बैद, हर्बाइस इंडिया, सिलीगुड़ी, पश्चिम बंगाल
​​​​​​​ऑर्गेनिक हर्बल प्रॉडक्ट बेचने वाली इस कंपनी की शुरुआत तीन वंडर वुमन बहनों ने सिलीगुड़ी में की । इसने पहले ही साल में बंगाल और सिक्किम के शहरी और अर्धशहरी इलाकों में बहुत से ग्राहक बना लिए थे। इसने यह काम गृहणियों के नेटवर्क के जरिए किया।

अलका करनानी क्रोमलाइट इंडस्ट्रीज इंडिया, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
​​​​​​​कोलकाता से चल रहे इस बिजनेस को एक वंडर वुमन चला रही हैं। उन्होंने 10 साल में अपने कैपिटल मार्केट, इनवेस्टमेंट, म्यूचुअल फंड और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस को कई गुना बड़ा कर लिया है। वह महिलाओं को वित्तीय रूप से साक्षर बनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से काम कर रही हैं।

प्रेरणा वर्मा, क्रिएटिव इंडिया, कानपुर, उत्तर प्रदेश
​​​​​​​कानपुर की कंपनी को इस वंडर वुमन ने 2004 में शुरू किया था। यह कंपनी लेदर कॉर्ड का कारोबार करती थी। पिछले एक दशक में कंपनी एक्सपोर्ट और कॉटन कॉर्ड, पर्स, बैग और लेदर गुड्स की मैन्युफैक्चरिंग शुरू कर दी। इन सबका श्रेय कुछ कर गुजरने की उनकी मजबूत इच्छाशक्ति को जाता है।

रिंकी भुयान शर्मा, प्राइड ईस्ट एंटरटेनमेंट्स, गुवाहाटी, असम
​​​​​​​गुवाहाटी से चल रहा यह कारोबार एक वंडर वुमन ने शुरू किया था। उनका विजन पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय पटल पर प्रदर्शित करना है। उनके विजन का नतीजा है यह रीजनल सैटेलाइट टेलीविजन नेटवर्क सर्विस। यह देश भर में सभी डीटीएच प्लेटफार्मों पर उपलब्ध है।

कैटेगरी: सोशल पैट्रन​​​​​​​​​​​​​​

विजय सिंग डागा, डागा प्लास्टिक इंडस्ट्रीज, कोलकाता, पश्चिम बंगाल
​​​​​​​सिटी ऑफ जॉय, कोलकाता की इस कंपनी की जड़ें राजस्थान के तारानगर से जुड़ी हैं। इनके लीडर ने अपने गृहनगर में सड़कें, स्कूल में पुस्तकालय, एक अतिथिगृह और कोविड काल में एक स्वास्थ्य केंद्र शुरू किया है।

अजय शंकर दीक्षित, बृज कैटरर्स, कानपुर, उत्तर प्रदेश
​​​​​​​कानपुर की यह बिजनेस यूनिट अपने कर्मचारियों और बुनियादी सुविधाओं का सर्वोत्तम उपयोग करती रही है। उनके जरिए यह दिहाड़ी मजदूरों को खाना और किराने का सामान मुहैया कराती है। कंपनी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नगर पार्षदों और एनजीओ के जरिए चिन्हित 155 परिवारों को तीन महीने से गोद लिया हुआ है। कंपनी इनमें से 10 परिवारों को दो साल के लिए किराने का सामान मुहैया कराती रहेगी।

रमा हरि साहू, शारण्य एग्रो इंडस्ट्री, बरहमपुर, उड़ीसा
​​​​​​​इस कंपनी ने कोविड संकट के दौरान अपने 250 कर्मचारियों को पूरे साल पूरी सैलरी दी। इसने स्थानीय लोगों और किसानों को किराने के सामान और रोजमर्रा की दूसरी चीजों से भी मदद की है।

प्रियांक जालान, सती टी कंपनी, गुवाहाटी, असम
​​​​​​​गुवाहाटी की कंपनी अपने लाभ का 10% कम्युनिटी सर्विस में लगाती है। इसने कोविड के कहर के दौरान अपने स्टाफ को छह महीने का राशन और कमरे का किराया दिया था। उसने आस-पास के इलाकों में आवारा जानवरों को खाना भी मुहैया कराया था।

अजीत सरमा बरुआ, भोगली फूड प्रोडक्ट्स, गुवाहाटी, असम
​​​​​​​गुवाहाटी की यह कंपनी ग्रामीण महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करती है। यह लोगों को प्राकृतिक भोजन के लाभ के बारे में बताती है। यह स्थानीय स्वाद वाले नए-नए पकवान इजाद करने की कोशिशों को बढ़ावा देती है। यह लोगों को सड़कों को साफ सुथरा रखने के फायदों के बारे में बताती है और जरूरतमंद बच्चों की मदद करती है।

पवन अग्रवाल, स्मार्टस्किल्स बिट्स एंड बाइट्स, रायपुर, छत्तीसगढ़
रायपुर के इस उद्यम को ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बेटियों को ट्रेनिंग और प्लेसमेंट के लिए दूसरे शहर या राज्य में भेजने के लिए राजी करने की कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा था। उसने इस चुनौती से निपटने के लिए अभिभावकों की समूह में काउंसलिंग कराई थी। इसके द्वारा प्रशिक्षित लगभग 50% उम्मीदवार कहीं न कहीं रोजगार पा चुके हैं। इसने अपनी पहल से 800 से अधिक महिलाओं का जीवन संवारा, उनको निरंतर आय के स्रोत मुहैया कराए।

किरणपाल सिंह चावला, बिजनेस एडुकेशन एंड ट्रेनिंग एकेडमी, बिलासपुर, छत्तीसगढ़
​​​​​​​बिलासपुर के इस उद्यम ने अस्पतालों और गैर सरकारी संगठनों को 20 ऑक्सीजन सिलेंडर दान में दिए। इसके अलावा इसने शहीदों के बच्चों के पालन-पोषण के लिए दान किया। गरीबों और जरूरतमंदों को राशन की थैली बांटी और पका हुआ खाना बांटा। मुश्किल वक्त में चिकित्सा परामर्श के लिए डॉक्टरों की टीम की व्यवस्था की। मरीजों और मौत का शिकार हुए लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की। इनके प्रयासों ने 1000 से अधिक जरूरतमंद लोगों, 300 रोगियों और 475 परिवारों को जरूरत के समय काफी मदद मिली।

नवनीत कुमार धंधानिया, ध्रुव इलेक्ट्रिकल्स, भागलपुर, बिहार
​​​​​​​भागलपुर के इस उद्यम ने पिछले साल अपनी दुकान पर लोगों को कोविड 19 के बारे में शिक्षित करने के लिए एक अभियान शुरू किया था। इसके अलावा, उन्होंने मास्क वितरित किया है, जरूरतमंदों के बीच भोजन वितरित किया है, और गरीबों को उनके द्वारा चलाए जा रहे धर्मार्थ अस्पताल के माध्यम से मुफ्त दवाओं से भी सहयोग किया।

टैली इन कारोबारियों और इनके जैसे दूसरे लोगों के योगदान को सलाम करता है जिन्होंने अपनी नई सोच और व्यापक प्रभाव वाले सॉल्यूशन के जरिए कारोबार के तौर-तरीके बदले हैं। इन्होंने कई लोगों (कर्मचारियों और ग्राहकों) की जिंदगी बदली है और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हुए कई तरह के समुदायों को एक दूसरे से जोड़ने का काम किया है। सम्मान और दूसरे विजेताओं के बारे में जानने के लिए https://tallysolutions.com/msme-day/ पर जाएं।

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