हिमाचल प्रदेश में 10वीं बोर्ड के छात्रों को प्रमोट कर दिया गया है, जबकि 12वीं के छात्रों पर कैबिनेट फैसला करेगी. (File)

हिमाचल प्रदेश में 10वीं बोर्ड के छात्रों को प्रमोट कर दिया गया है, जबकि 12वीं के छात्रों पर कैबिनेट फैसला करेगी. (File)

हिमाचल प्रदेश में 10वीं बोर्ड के छात्रों को प्रमोट कर दिया गया है, जबकि 12वीं के छात्रों पर कैबिनेट फैसला करेगी. (File)

हिमाचल प्रदेश सरकार ने दसवीं बोर्ड के छात्रों को प्रमोट करने का फैसला लिया है. 7 शर्तों के साथ इनकी मेरिट तैयार होगी. कैबिनेट इसे अंतिम मंजूरी देगी. सीबीएसई की तर्ज पर 12वीं के छात्रों को प्रमोट करने का फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा.

शिमला. हिमाचल प्रदेश सरकार ने दसवीं बोर्ड के छात्रों को प्रमोट करने का फैसला लिया है और 7 शर्तों के साथ मेरिट तैयार की जाएगी. इस पर कैबिनेट अंतिम मंजूरी देगी. CBSE की तर्ज पर 12वीं के छात्रों को प्रमोट करने का फैसला कैबिनेट में लिया जाएगा. शुक्रवार को राज्य सचिवालय में शिक्षा मंत्री के साथ शिक्षा विभाग और स्कूल शिक्षा बोर्ड की बैठक में ये फैसला लिया गया है, जिस पर कैबिनेट में मुहर लगेगी.

शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि छात्रों के नौवीं कक्षा, पहली और दूसरी टर्म, प्री-बोर्ड, हिन्दी की वार्षिक परीक्षा, प्रैक्टिकल परीक्षा और आन्तरिक मूल्यांकन के अंकों को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा कि बोर्ड द्वारा प्रैक्टिकल परीक्षाओं का संचालन पूर्व में करवाया गया था और संबंधित विद्यालयों से प्रैक्टिकल एवं आन्तरिक मूल्यांकन के अंक बोर्ड को प्राप्त हो चुके हैं. उन्होंने कहा कि उद्देश्य मानदंड तैयार करते समय विद्यार्थियों के सत्त व व्यापक मूल्यांकन को ध्यान में रखा गया है.

इसमें खबर ये है कि दसवीं के छात्रों को पास होने के लिए सात इंडीकेटर पास करने होंगे. कंटीन्यू कॉम्परहैंसिव असेसमेंट और   कंन्टीन्यू कॉम्परहैंसिव असेसमेंट के आधार पर मेरिट बनाई जाएगी.  प्रेक्टीकल, इंटरनल असेसमेंट, प्रीवियस कक्षा, फस्र्ट एंड सैंकेड टर्म एग्जाम, प्री बोर्ड  और हिंदी के एक पेपर का मूल्यांकन भी किया जाएगा. ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लासिज नहीं लगाने वाले छात्रों को नुकसान होगा, उन्हें फिर से परीक्षा देनी पड़ सकती है.सरकार ने कहा है कि शिक्षा मंत्री गोविन्द सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम घोषित करने के लिए अंक सारणीकरण प्रारूप प्रस्ताव को मंजूर किया गया है.

इस बाबत शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों और विद्यार्थियों व जनसाधारण की स्वास्थ्य सुरक्षा के मद्देनजर प्रदेश सरकार ने बोर्ड द्वारा संचालित दसवीं की परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया है. उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विद्यार्थियों के वार्षिक परिणाम तैयार करने के लिए विस्तृत उद्देश्य मानदंड तैयार किया गया है.शिक्षा मंत्री ने कहा कि सम्बन्धित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की अध्यक्षता में परिणाम सारणीकरण समिति का गठन भी किया गया है जो इन मापदण्डों के अनुसार परीक्षा परिणाम तैयार करेगी और बोर्ड द्वारा उपलब्ध करवाए गए ऑनलाइन लिंक के माध्यम से अंक निर्धारित करेगी, जिसके उपरान्त स्कूल शिक्षा बोर्ड का परीक्षा परिणाम तैयार किया जाएगा.





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