प्रणब धनावड़े अपने माता-पिता के साथ (Twitter/BCCI)

प्रणब धनावड़े अपने माता-पिता के साथ (Twitter/BCCI)

प्रणब धनावड़े अपने माता-पिता के साथ (Twitter/BCCI)

साल 2016 में मुंबई के प्रणव धनावड़े ने क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा स्कोर बनाया था. एक पारी में 1000 रन बनाने वाले धनावड़े इकलौते क्रिकेटर हैं. इस पारी के बाद उनकी तुलना सचिन तेंदुलकर से भी हुई थी.

नई दिल्ली. पांच साल पहले मुंबई के प्रणव धनावड़े ने क्रिकेट जगत में तहलका मचा दिया था. 2016 में सिर्फ 15 साल के धनावड़े स्कूली क्रिकेट मैच की एक ही पारी में 1009 रन बना डाला था. प्रणव ने सिर्फ 323 गेंदों का सामना करते हुए अपनी इस पारी में 59 छक्के और 127 चौके लगाए. क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है. प्रणव की इस पारी के बाद हर कोई उनका मुरीद हो गया है. महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी प्रणव के टैलेंट से बेहद प्रभावित हुए और युवा खिलाड़ी को अपने घर बुलाया था.

हाल ही में क्रिकेटकंट्री से बात करते हुए धनावड़े ने अपनी पारी को याद किया. उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड में बनाने के बाद उम्मीदें ज्यादा बढ़ गई थी. हर बार जब मैं बल्लेबाजी करने के लिए जाता था, तो दबाव महसूस करता था. यह मेरे लिए मुश्किल हो गया क्योंकि मैंने कई बार अपना ध्यान खो दिया और खराब शॉट खेला.” धनावड़े ने बताया कि उन्हें सचिन तेंदुलकर ने घर पर आमंत्रित किया गया था और मास्टर ब्लास्टर नेअपना बल्ला उपहार में दिया था.

तेंदुलकर ने भी इंटरनेशनल क्रिकेट से पहले स्कूली दिनों में काफी रन बनाए थे. सचिन ने एक बार स्कूल क्रिकेट में नाबाद 329 रन बनाए थे. इस पारी में सचिन ने अपने दोस्त और पूर्व भारतीय खिलाड़ी विनोद कांबली के साथ 664 रन जोड़े थे. धनावड़े ने कहा, “मैं अर्जुन तेंदुलकर का दोस्त हूं. मेरी पारी के बाद सचिन के घर आमंत्रित किया गया था. यह मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा था. उन्होंने (सचिन ने) मुझे एक बल्ला भी गिफ्ट किया और मुझे शुभकामनाएं दीं.”

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कल्याण में ऑटो चालक के बेटे प्रणव धानावड़े ने केसी गांधी इंग्लिश स्कूल, कल्याण के लिए यह पारी खेली थी. उस समय प्रणब ने एईजे कोलिंस का 117 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था. साल 1899 में इंग्लैंड के स्कूली क्रिकेटर कोलिंस ने 628 रनों की नाबाद पारी खेली थी. उन्होंने भारत के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ को भी पीछे छोड़ा. शॉ ने स्कूली क्रिकेट में साल 2013 में 546 रनों की पारी खेली थी. उसके इसी रिकॉर्ड को देखते हुए मुंबई क्रिकेट संघ (एमसीए) ने उन्हें पांच साल तक 10,000 रुपए वार्षिक स्कॉलरशिप देने की घोषणा की थी. प्रणव को एअर इंडिया से स्कॉलरशिप भी मिली थी. हालांकि प्रणब अपनी इस पारी के बाद लय कायम नहीं रख सके. मुंबई के इस क्रिकेटर को आज भी सीनियर क्रिकेट खेलने का इंतजार है.





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