हिमाचल के राज्यपाल से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता.

हिमाचल के राज्यपाल से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता.

हिमाचल के राज्यपाल से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता.

Corona Virus in Himachal: कांग्रेस (Congress) ने राजीव भवन में मरीजों को निशुल्क भोजन भी उपलब्ध करवाने की बात कही है. दावा है कि यहां के दो मीटिंग हॉल में करीब 200 बेड लगाए जा सकते हैं.

शिमला. हिमाचल कांग्रेस ने शिमला (Shimla) स्थित अपने राज्य कार्यालय राजीव भवन को आइसोलेशन सेंटर (Isolations center) बनाने का प्रस्ताव दिया है. इस बाबत कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर और नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से मुलाकात कर उन्‍हें इस प्रस्ताव के बारे में जानकारी दी. राठौर का कहना है कि अगर सरकार प्रस्ताव स्वीकार करती है तो मरीजों के लिए यह अच्छा आइसोलेशन सेंटर साबित हो सकता है. कांग्रेस (Congress) यहां मरीजों को निशुल्क भोजन भी उपलब्ध करवाएगी. उन्होंने कहा कि राजीव भवन के दो मीटिंग हॉल में करीब 200 बेड लगाए जा सकते हैं.

इस दौरान कांग्रेस ने राजभवन में राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को एक ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में कांग्रेस ने देश में हर रोज 1 करोड़ वैक्‍सीनेशन सुनिश्चित करने और हर नागरिक को यूनिवर्सल मुफ्त टीका देने की मांग की है. देश और प्रदेश में वैक्सीनेशन को गति देने की भी मांग की है. कांग्रेस ने ज्ञापन में कोवि से देश के नागरिकों और उनके परिवार की अप्रत्याशित तबाही और पीड़ा के बारे में उल्लेख करते हुए कहा है कि केंद्र की मोदी सरकार इस महामारी से निपटने में विफल साबित हुई है. कांग्रेस ने इसे आपराधिक कुप्रबंधन करार दिया है.

वैक्सीनेशन ही सुरक्षा

कांग्रेस ने कहा कि वर्तमान में कोरोना से बचने के लिए वेक्सीनेशन ही एकमात्र सुरक्षा है. मोदी सरकार की वेक्सीनेशन प्रकिया रणनीतिक भूलों का एक खतरनाक कॉकटेल है. कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर एक डिजीटल डिवाइड पैदा किया, जिससे वेक्सीनेशन की प्रक्रिया धीमी हो गई. केंद्र सरकार ने विभिन्न कीमतों के स्लैब बनाने में मिलीभगत की, एक वैक्सीन के लिए अलग अलग कीमतें तय की, ताकि आम आदमी से आपदा में लूट की जा सके. कांग्रेस ने कहा कि अन्य देशों ने मई 2020 में वैक्सीन खरीद के ऑर्डर दिए थे जबकि मोदी सरकार ने इस वैक्सीन का पहला ऑर्डर जनवरी 2021 में दिया.सरकार पर लगाया आरोप

जनपटल पर मौजूद जानकारी के अनुसार मोदी सरकार और भाजपा शासित राज्यों सरकारों ने देश की 140 करोड़ की जनसंख्या के लिए आजतक केवल 39 करोड़ वैक्सीन का ही ऑर्डर दिया है. भारत सरकार के अनुसार 31 मई 2021 तक केवल 21.31 करोड़ ही वैक्सीन लगाई गई है जबकि वैक्सीन की दोनों खुराकें 4.45 करोड़ भारतीयों को ही मिली है जोकि कुल आबादी का केवल 3.17 प्रतिशत ही है. पिछले 134 दिनों में वेक्सीनेशन की औसत गति लगभग 16 लाख खुराक प्रतिदिन रही और अगर यही गति रहती है तो देश मे इस कार्य को पूरा करने में तीन साल से अधिक का समय लग जाएगा.

वैक्सीन की जा रही निर्यात

ज्ञापन में कहा गया है कि इस विकराल महामारी के बीच हमारे देश के नागरिक कोरोना से संक्रमित हो रहे हैं और केंद्र सरकार वैक्सीन निर्यात करने में व्यस्त है. भाजपा सरकार अबतक 6.63 खुराक निर्यात कर चुकी है जो देश का सब से बड़ा नुकसान है. कांग्रेस ने कहा कि सरकार द्वारा वैक्सीन की अलग अलग कीमतें तय करना लोगों की पीड़ा से मुनाफाखोरी का एक बड़ा उदाहरण है. सीरस इंस्टिट्यूट की कोविशिल्ड की एक खुराक केंद्र सरकार के लिये 150 रुपये, राज्यों सरकारों के लिए 300 रुपए और निजी अस्पतालों के लिए 600 रुपये रखी गई है, जबकि भारत बायोटेक की कोवैक्सीन केंद्र के लिए 150 रुपये, राज्य सरकारों के लिए 600 रुपये औ निजी अस्पतालों के लिए 1200 रुपये रखी गई है जबकि निजी अस्पताल इसके 1500 रुपये वसूल रहे हैं. उन्होंने इसे पूरी तरह निशुल्क करने व देश के 18 साल से ऊपर के सभी नागरिकों का वेक्सिनेशन कार्य जल्द पूरा करने की मांग की है,जिससे देश को समय रहते इस महामारी से बचाया जा सके. इस मौके पर मुकेश अग्निहोत्री ने कोरोना से जान गंवाने वाले डॉक्टरों, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य लोगों के लिए मुआवजा राशि देने की मांग की है.

चीन पर भी बोली कांग्रेस

कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने सीमा पर चीन की बढ़ती गतिविधियों की मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति और किन्नौर से लगती चीन की सीमा पर अधिक चौकसी की जरूरत है. उन्होंने राज्यपाल को याद दिलाया कि बीते साल 5 अगस्त को कांग्रेस ने सीमा पर चीन की बढ़ती गतिविधियों को लेकर एक ज्ञापन दिया था उसके बाद ही भारत सरकार यहां सक्रिय हुई थी. राठौर ने कहा कि चीन के मुकाबले भारत का नेटवर्क यहां बहुत ही कमजोर है और इसे अधिक सुदृढ करने की बहुत आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार चीन ने अपने घुमंतुओं को अपनी सीमा में यहां बसाया है, उसी प्रकार हमें भी वहां अपने स्थानीय लोगों और भेड़पालक को वहां बसाना चाहिए. इससे हमारी इन सीमाओं की रक्षा में मदद मिलेगी.





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