बताया जा रहा है कि बच्चों को वैक्सीन (Vaccine) लगवाने से कोविड-19 से निपटने में बहुत मदद मिलेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

बताया जा रहा है कि बच्चों को वैक्सीन (Vaccine) लगवाने से कोविड-19 से निपटने में बहुत मदद मिलेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

बताया जा रहा है कि बच्चों को वैक्सीन (Vaccine) लगवाने से कोविड-19 से निपटने में बहुत मदद मिलेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

भारत बायोटेक की ओर से बच्‍चों पर किए जा रहे ट्रायल के परिणाम आने के कुछ दिनों के भीतर ही बच्‍चों के लिए वैक्‍सीनेशन की शुरूआत की जा सकती है. ट्रायल के परिणाम अक्‍तूबर अंत या नवंबर के शुरुआत में आने की उम्‍मीद है.

नई दिल्‍ली. भारत में कोरोना वायरस को नियंत्रित करने के लिए वैक्‍सीनेशन अभियान को तेज किया जा रहा है. केंद्र सहित सभी राज्‍य सरकारें 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को कोरोना की वैक्‍सीन लगा रही हैं. हालांकि उम्‍मीद जताई जा रही है कि अब 18 साल से कम उम्र के किशोर-किशोरियों और बच्‍चों को भी वैक्‍सीन लगना जल्‍द शुरू हो जाएगी.

देश में जुलाई के बाद कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बाद लोगों के मन में बीमारी को लेकर खौफ है. वहीं कुछ विशेषज्ञों की ओर से भारत में तीसरी लहर में मामले ज्‍यादा तेजी से बढ़ने और बड़ी संख्‍या में बच्‍चों के इसकी चपेट में आने का अनुमान भी जताया है. जिससे लोगों के मन में बच्‍चों की सुरक्षा को लेकर एक डर पैदा हो गया है. हालांकि स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.

इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च का कहना है कि देश में भारत बायोटेक की ओर से बच्‍चों पर कोवैक्‍सीन का ट्रायल शुरू कर दिया गया है. आईसीएमआर में ऑपरेशन ग्रुप फॉर कोविड टास्‍ट फोर्स हेड डॉ. एन के अरोड़ा का कहना है कि इस ट्रायल को पूरा होने में करीब चार से साढ़े चार महीने लग सकते हैं. ऐसे में उम्‍मीद जताई जा रही है कि इस ट्रायल का रिजल्‍ट अक्‍तूबर के अंत तक आ जाएगा.

डॉ. अरोड़ा कहते हैं कि ट्रायल के परिणाम आने के कुछ दिनों के भीतर ही बच्‍चों के लिए वैक्‍सीनेशन की शुरूआत की जा सकती है. ऐसे में पूरी उम्‍मीद है कि इस साल के नवंबर तक दो साल से ऊपर के बच्‍चों को ये वैक्‍सीन लगना शुरू हो जाएगी. अगर इस दौरान किसी वजह से दूरी होती है तो जनवरी 2022 से बच्‍चों का टीकाकरण पूरी तरह होने लगेगा.देश में कोवैक्‍सीन और कोविशील्‍ड के अलावा भी कई वैक्‍सीन बन रही हैं. जिनका उपयोग भी इस साल के अंत तक भारत में होने की संभावना है. ऐसे में बच्‍चों के लिए लगने वाली कोवैक्‍सीन की उपलब्‍धता भी बनी रहेगी.





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