‘आईएनएस चक्र’ के रूस वापस जाने की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर आयी हैं. फाइल फोटो

‘आईएनएस चक्र’ के रूस वापस जाने की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर आयी हैं. फाइल फोटो

‘आईएनएस चक्र’ के रूस वापस जाने की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर आयी हैं. फाइल फोटो

INS Chakra Sabmarine returning back to Russia: परमाणु क्षमता से संपन्न पहली पनडुब्बी का नाम भी चक्र था. यह पनडुब्बी तत्कालीन सोवियत संघ से 1988 में तीन साल के पट्टे पर ली गयी थी.

नयी दिल्ली. भारतीय नौसेना की परमाणु हमला करने में सक्षम एकमात्र पनडुब्बी ‘आईएनएस चक्र’ रूस लौट गयी है. इस पनडुब्बी को रूस से पट्टे पर लिया गया था. सूत्रों ने शुक्रवार को इस बारे जानकारी दी. अकुला श्रेणी के पोत आईएनएस चक्र को 2012 में पट्टे पर रूस से लिया गया था. परमाणु क्षमता से लैस यह दूसरी पनडुब्बी थी, जिसे भारत ने रूस से पट्टे पर लिया था. सूत्रों ने बताया कि पट्टे की अवधि खत्म होने का समय आ जाने के कारण यह पनडुब्बी रूस वापस जा रही है.

परमाणु क्षमता से संपन्न पहली पनडुब्बी का नाम भी चक्र था. यह पनडुब्बी तत्कालीन सोवियत संघ से 1988 में तीन साल के पट्टे पर ली गयी थी. ‘आईएनएस चक्र’ के रूस वापस जाने की कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर आयी हैं. हालांकि इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं बताया गया है.

भारत ने 2019 में 10 साल के लिए भारतीय नौसेना को परमाणु क्षमता से लैस पनडुब्बी के लिए रूस के साथ तीन अरब डॉलर का समझाता किया था. इस समझौते के तहत रूस 2025 तक भारतीय नौसेना को अकुला श्रेणी की पनडुब्बी चक्र-तीन सौंपेगा.





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