अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावत ने पिछले साल कू की शुरुआत की थी.

अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावत ने पिछले साल कू की शुरुआत की थी.

अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावत ने पिछले साल कू की शुरुआत की थी.

भारत की माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म कू (Koo) अब नाइजीरिया में भी उपलब्ध है.

नई दिल्ली. नाइजीरिया सरकार ने माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर (Twitter) ट्विटर को अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया है. वहीं, कू (KOO) ने शनिवार को कहा कि अब भारतीय माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म नाइजीरिया में भी उपलब्ध है. इसके साथ ही कू ने कहा कि वह नाइजीरिया में यूजर्स के लिए नई स्थानीय भाषाएं जोड़ने की इच्छुक है.

कू के को फाउंडर और सीईओ अप्रमेय राधाकृष्ण ने ट्वीट कर कहा कि यह प्लेटफॉर्म अब नाइजीरिया में उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि हम वहां स्थानीय भाषाएं जोड़ने पर विचार कर रहे हैं.’

राधाकृष्ण ने पीटीआई से कहा, ”अब हमारे लिए नाइजीरिया में अवसर है. कू का इरादा ऐप में स्थानीय नाइजीरियाई भाषाएं जोड़ने का है.” उन्होंने कहा कि हमारा मंच नाइजीरिया के बाजार में विस्तार के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि कू अपने परिचालन वाले देशों में स्थानीय कानूनों का पूरी तरह अनुपालन करेगी.ये भी पढ़ें- Twitter को मिलेगी टक्कर, Koo ऐप को टाइगर ग्लोबल से मिली 218 करोड़ रुपये की फंडिंग

अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावत ने शुरू की थी KOO

बता दें कि अप्रमेय राधाकृष्ण और मयंक बिदावत ने पिछले साल कू की शुरुआत की थी, ताकि यूजर्स को अपनी बात कहने और भारतीय भाषाओं के प्लेटफॉर्म के साथ जुड़ने का अवसर मिल सके. यह हिंदी, तेलुगु और बंगाली सहित कई भाषाओं में उपलब्ध है.

PM मोदी भी कर चुके हैं कू ऐप की चर्चा

साल 2020 के अगस्त महीने में आयोजित आत्मनिर्भर ऐप इनोवेशन चैलेंज को कू ने जीता था. तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में देशवासियों को कू ऐप का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया था. तभी ये ऐप चर्चा में भी आई थी.





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