Youtube Video

नई दिल्ली. कोरोना संक्रमण (Coronavirus) की दूसरी लहर में स्वास्थ्य सेवाओं के चरमराने और बेड आदि की भारी किल्लत के चलते लोगों ने अपनी जान गंवाई है. इन सभी कमियों को दूर करने और कोरोना की तीसरी‌ लहर से निपटने के लिये दिल्ली सरकार न केवल स्वास्थ्य सिस्टम को मजबूत करने में जुट गई है. बल्कि अभी से ही उसको लेकर फुलप्रूफ रणनीति तैयार की जा रही है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूत करने के लिये न केवल मौजूदा अस्पतालों को और बेहतर सुविधाओं से लैस करने की योजना पर काम किया जा रहा है बल्कि निर्माणाधीन अस्पतालों को जल्द से जल्द तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है. मौजूदा अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाने के लिए नए भवन भी तैयार किए जा रहे हैं जिससे कि मरीजों को ज्यादा से ज्यादा सुविधा मिल सकेगी.

5 नए अस्पतालों को तैयार करने का तेजी से हो रहा काम

जानकारी के मुताबिक दिल्ली सरकार की ओर से 5 नए अस्पताल तैयार किए जा रहे हैं. इनमें से दो अस्पताल ऐसे हैं जो कि पूरी तरीके से निर्माणाधीन है. वहीं, तीन अस्पतालों को रीमॉडलिंग की योजना के तहत तैयार किया जा रहा है. इन अस्पतालों के रीमॉडलिंग होने से बेड की संख्या में और ज्यादा इजाफा हो सकेगा. दिल्ली सरकार मादीपुर और ज्वालापुरी में नए अस्पताल बनवा रही है. मादीपुर में निर्णाधीन अस्पताल बुनियादी स्वास्थ्य ढांचे की री-माॅडलिंग को मद्देनजर रखकर बनाया जा रहा है, जो 2022 में पूरा होगा.निर्माणाधीन आचार्य श्री भिक्षु अस्पताल में बेड की संख्या 272 को बढ़ाकर 400 तक करने काम तेजी से किया जा रहा है.

गुरु गोबिंद सिंह अस्पताल के नए निर्माणाधीन बिल्डिंग का काम पूरा होने के बाद अस्पताल की मौजूदा बेड क्षमता बढ़कर 572 बेड हो जाएगी.

श्री दादा देव मातृ एवं शिशु चिकित्सालय, डाबड़ी में नया भवन बनने के बाद अस्पताल की बेड क्षमता को मौजूदा क्षमता से 3 गुना यानी 106 बेड से लगभग 300 बेड तक बढ़ाने पर काम किया जा रहा है.

इसके अलावा कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए और विशेषकर बच्चों के लिए चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में भी व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं. स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई बड़े निर्णय लिए गए हैं और इस पर तेजी से काम किया जा रहा है.

इसके अतिरिक्त दिल्ली सरकार ने अपने कई बड़े अस्पतालों के स्वास्थ्य ढांचे को और अधिक मजबूत करने की रणनीति तैयार की है. साथ ही इन अस्पतालों में ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन बेड जरूरत पड़ने पर स्थापित करने की पूरी रणनीति तैयार की जा रही है.

इन बड़े अस्‍पतालों के स‍ि‍स्‍टम को मजबूत करने पर व‍िशेष बल

इन बड़े अस्पतालों में गुरु तेग बहादुर अस्पताल, (दिलशाद गार्डन), राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल (ताहिर पुर), लोकनायक जयप्रकाश (LNJP) अस्पताल के अलावा बुराड़ी स्थित अस्पताल और कई बड़े अस्पतालों को और चिकित्सा सुविधाओं से ज्यादा लैस करने की तैयारी की जा रही है.

इसके अलावा बाबासाहेब आंबेडकर अस्पताल (रोहिणी), दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (हरी नगर), दीनबंधु गुप्ता अस्पताल और कई सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर करने का काम किया जा रहा है.

यहां पर ऑक्‍सीजन प्‍लांट लगाने का काम पूरा

इस बीच देखा जाए तो दिल्ली सरकार अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की भी पुरजोर कोशिश में जुटी हुई है. कई जगहों पर प्लांट लगाने का काम किया गया है. वहीं, अन्य अस्पतालों में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम आने वाले समय में और तेजी से किया जाएगा. दिल्ली सरकार की ओर से संजय गांधी अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने का काम किया जा चुका है. वहीं, इंदिरा गांधी अस्पताल, द्वारका में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है.

सरकार ने चीन से 6,000 ऑक्सीजन सिलेंडर आयात किए

कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन बेड की भारी किल्लत के चलते लोगों की बड़ी संख्या में जान जाने की खबरें सामने आई हैं. ऐसे में सरकार ने तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की पर्याप्त संख्या करने के लिए अभी से काम शुरू कर दिया है. इसके लिए दिल्ली सरकार ने चीन से 6,000 ऑक्सीजन सिलेंडर आयात किए हैं. चार हजार आ चुके हैं, दो हजार का आना बाकी है.

जरूरत पड़ने पर अस्पतालों में तैयार किए जा सकेंगे 3,000 ऑक्सीजन बेड

इन सभी को स्टोर करने के लिए फिलहाल मायापुरी इंडस्ट्रियल इलाके में डिपो बनाकर रखा गया है. इससे दिल्ली के अस्पतालों में 3,000 ऑक्सीजन बेड जरूरत पड़ने पर तैयार किए जा सकेंगे.

Youtube Video

इसके अतिरिक्त सरकार अस्पतालों में वेंटिलेटर की और इस तरीके से बढ़ोतरी कर सकती है. इस पर भी काम किया जा रहा है. कोरोना की दूसरी लहर में वेंटिलेटर बेड की भी बहुत ज्यादा कमी की वजह से लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है.

सरकार कोरोना की दूसरी लहर से सबक लेते हुए उन सभी कमियों को दूर करने और उन सभी जरूरतों को समय से पूरा करने की रणनीति में जुट गई है जिससे कि तीसरी लहर से निपटने में बड़ी मदद मिल सकेगी. कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक और प्रभावित करने वाली बताई जा रही है. इन सभी संभावित चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली सरकार पूरी तरीके से तैयारियों में जुट गई है. वैक्‍सीनेशन पर भी पूरा बल द‍िया जा रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here