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Electric Air Taxi Startup Joby To Add LinkedIn Co-Founder, Google Exec To Board

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Reinvent Technology Partners, a special purpose acquisition company (SPAC) headed by LinkedIn co-founder Hoffman, Zynga founder Mark Pincus and longtime investor Michael Thompson, is taking the 12-year-old company public in a $6.6 billion reverse merger.


Joby's electric aircraft is expected to operate as part of an air taxi service beginning in 2024.
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Joby’s electric aircraft is expected to operate as part of an air taxi service beginning in 2024.

Electric air taxi startup Joby Aero Inc will add Silicon Valley heavyweight Reid Hoffman and executives from Google and Toyota to its board, as the company prepares to go public through a merger with a blank-check firm.

Reinvent Technology Partners, a special purpose acquisition company (SPAC) headed by LinkedIn co-founder Hoffman, Zynga founder Mark Pincus and longtime investor Michael Thompson, is taking the 12-year-old company public in a $6.6 billion reverse merger.

Apart from Hoffman, the other members to be added to the board include Google General Counsel Halimah DeLaine Prado, Toyota Motor Corp board member and operating officer James Kuffner, and former Southwest Airlines CFO Laura Wright.

The deal is expected to close in the second quarter, following which the combined company will be called Joby Aviation Inc and will trade on the New York Stock Exchange.

Joby’s electric aircraft is expected to operate as part of an air taxi service beginning in 2024.

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Tokyo Olympics: Sumit Nagal creates history, wins first tennis olympic singles match in 25 years | टेनिस में 25 साल में मेंस सिंगल्स का पहला मैच जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी; 2018 एशियन गोल्ड मेडलिस्ट को हराया

Tokyo Olympics: Sumit Nagal creates history, wins first tennis olympic singles match in 25 years | टेनिस में 25 साल में मेंस सिंगल्स का पहला मैच जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी; 2018 एशियन गोल्ड मेडलिस्ट को हराया

टोक्यो30 मिनट पहले

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भारत के टेनिस स्टार सुमित नागल ने इतिहास रच दिया है। वे पिछले 25 साल में ओलिंपिक में पहला मैच जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले 1996 में लिएंडर पेस ने ये कारनामा किया था। इसके बाद कोई भी भारतीय टेनिस खिलाड़ी ऐसा नहीं कर सका। नागल ने अपने पहले मैच में 2018 एशियन गोल्ड मेडलिस्ट डेनिस इस्तोमिन को 6-4, 6-7(6), 6-4 से हराया।

दूसरे राउंड में वर्ल्ड नंबर-2 मेदवेदेव से मुकाबला
नागल ने 2 घंटे 34 मिनट तक चले मैच में शानदार खेल दिखाया। पहला सेट जीतने के बाद उन्हें दूसरे सेट में स्ट्रगल करना पड़ा। हालांकि, इस्तोमिन ने यह सेट 7-6 से अपने नाम किया। तीसरे सेट में नागल ने वापसी की और 6-4 से जीत लिया। अब अगले राउंड में उनका सामना दुनिया के दूसरे नंबर के खिलाड़ी डेनिल मेदवेदेव से होगा। मेदवेदेव ने कजाखस्तान के अलेक्जेंडर बुबलिक को 6-4, 7-6 से हराया।

जीशान और पेस ने किया था कारनामा
नागल ओलिंपिक में पहला मैच जीतने वाले ओवरऑल तीसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। नागल और पेस के अलावा जीशान अली ने 1988 सियोल ओलिंपिक में मेंस सिंगल्स में पराग्वे के विक्टो काबालेरो को हराया था। पेस 1996 ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीते थे। उन्होंने ब्राजील के फर्नांडो मेलिजेनी को हराकर मेडल जीता था। सोमदेव देववर्मन और विष्णु वर्धन लंदन ओलंपिक 2012 में पहले दौर में ही हार गए थे।

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General Motors, Cruise Sue Ford To Block Use Of ‘BlueCruise’ Name For Hands-Free Driving

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General Motors said Ford’s use of the BlueCruise name infringed on GM’s Super Cruise trademark, as well as Cruise’s trademark.


GM said the automakers had held protracted discussions over the matter but failed to resolve the dispute
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GM said the automakers had held protracted discussions over the matter but failed to resolve the dispute

General Motors Co and its Cruise robo-taxi subsidiary have filed a lawsuit to stop Ford Motor Co from using the name “BlueCruise” to market its hands-free driving technology, the companies said on Saturday. In a statement released shortly after midnight Detroit time, GM said Ford’s use of the BlueCruise name infringed on GM’s Super Cruise trademark, as well as Cruise’s trademark. “While GM had hoped to resolve the trademark infringement matter with Ford amicably, we were left with no choice but to vigorously defend our brands and protect the equity our products and technology have earned over several years in the market,” GM said in its statement.

In the lawsuit, filed on Friday, GM said the automakers had held “protracted discussions” over the matter but failed to resolve the dispute.

GM is claiming trademark infringement and unfair competition in the lawsuit. The No. 1 U.S. automaker has asked the court for an order to prohibit Ford from using the BlueCruise name and unspecified damages.

Ford called the lawsuit, filed in federal court in California, “meritless and frivolous”.

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Automakers are racing each other to deploy technology to enable drivers to take their hands off the steering wheel in traffic jams or on highways 

“Drivers for decades have understood what cruise control is, every automaker offers it, and ‘cruise’ is common shorthand for the capability,” Ford said in a statement. “That’s why BlueCruise was chosen as the name for the Blue Oval’s next evolution of Ford’s Intelligent Adaptive Cruise Control.”

Automakers are racing each other to deploy technology to enable drivers to take their hands off the steering wheel in traffic jams or on highways. The so-called Advanced Driver Assistance Systems, such as Tesla Inc’s semi-automated Autopilot technology, are not supposed to allow drivers to fully disengage from driving for extended periods.

Automakers have used the word, cruise, for decades to describe cruise control systems which allow drivers to set a speed the car will maintain, usually in highway driving.

“Ford knew what it was doing,” GM said in the lawsuit. “Ford’s decision to rebrand by using a core mark used by GM and Cruise will inevitably cause confusion.”

GM announced in 2012 it would use the name Super Cruise for its hands-free driver assistance technology, and has been marketing the technology using that name since 2017.

GM’s majority-owned Cruise self-driving vehicle unit has been operating since 2013.

Ford announced it would use the name BlueCruise for its hands-free driving technology in April this year.

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Water Proof 5 Smartwatch Will run non stop even in rain | बारिश में भी नॉन स्टॉप चलेंगी,  ब्लड-ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल और हार्ट रेट का भी पता चलेगा

Water Proof 5 Smartwatch Will run non stop even in rain | बारिश में भी नॉन स्टॉप चलेंगी,  ब्लड-ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल और हार्ट रेट का भी पता चलेगा

नई दिल्ली9 मिनट पहले

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बारिश का मौसम शुरू हो गया है। बाजार में आपको ऐसी कई स्मार्टवॉच मिल जाएंगी, जो पानी पड़ने के बाद भी खराब नहीं होंगी। साथ ही हेल्थ फीचर्स जैसे स्लीप मॉनीटर, पेडोमीटर, कैलोरी काउंटर, हार्ट रेट मॉनिटरिंग भी मिलते हैं। इसमें ब्लड-ऑक्सीजन सैचुरेशन लेवल को जानने वाले फीचर शामिल हैं। तो आइए जानते हैं उन स्मार्टवॉच के खास फीचर्स और कीमत।

1. जियोनी स्टाइलफिट GSW6
इलफिट GSW6 की कीमत 2,999 रुपए है। इस वॉच1.5 मीटर तक के पानी में 30 मिनट तक डुबी रहे तब भी खराब नहीं होती है। इससे तेज बारिश से भी इसमें कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। ये बिल्ट इन माइक और स्पीकर वाली बेहद सस्ती स्मार्टवॉच है। स्टाइलफिट GSW6 में ब्लड-ऑक्सीन सैचुरेशन लेवल को पता लगाने का फीचर दिया है। इसमें कई हेल्थ फीचर्स जैसे स्लीप मॉनिटर, पेडोमीटर, कैलोरी काउंटर, हार्ट रेट मॉनिटरिंग भी मिलती है। इसमें 220mAh की पॉलीमर लिथियम बैटरी दी है। कंपनी के मुताबिक, ये 15 दिन का स्टैंडबाय और 5 दिनों के यूजेस बैकअप के साथ आती है।

2.जियोनी स्टाइलफिट GSW8
वॉच की कीमत 3,499 रुपए है। ये स्मार्टवॉच भी यूनिक हेल्थ और फिटनेस फीचर्स देती है। ये भी हार्ट रेट मॉनिटर, मंथली पीरियड ट्रैकर, स्लीप मॉनीटर, पेडोमीटर, कैलोरी काउंटर पर नजर रखती है। दोनों वॉच में आउटडोर रन, आउटडोर वॉक, इंडोर रन, इंडोर वॉक, हाइकिंग, सीढ़ी स्टेपर, आउटडोर साइकिल, स्टेशनरी बाइक, एलिप्टिकल, रोइंग मशीन जैसे मल्टी-स्पोर्ट मोड दिए हैं। इससे इनकमिंग कॉल अटेंड और ड्रॉप कर सकते हैं। यह वॉच भी वटरप्रुफ मिलती है।

3.बोट स्टोर्म
इस स्मार्टवॉच की कीमत करीब 2,500 रुपए है। इस वॉच 50 ATM यानी 50 मीटर अंदर पानी में रख दें तब भी खराब नहीं होगी। वाटरप्रूफ होने की वजह से इसे पहनकर आप स्विमिंग भी कर सकते हैं। अगर फीचर्स की बात करें, तो इसमें डेली एक्टिविटीज को ट्रैक करने के लिए 9 स्पोर्ट्स मोड हैं। आप इससे फोन कॉल, नोटिफिकेशन, टेक्स्ट, अलार्म व रिमाइंडर मैनेज कर सकते हैं। इस स्मार्ट वॉच का वेलनेस मोड आपकी नींद, हार्ट रेट, ब्लड ऑक्सीजन लेवल को मॉनिटर करता है।

4.नॉइज कलर फिट प्रो 2
इसकी कीमत करीब 2999 रुपए है। IP68 वाटरप्रूफ रेटिंग मिलती है। यानी वॉच पानी में मैक्सिमम 1.5 मीटर अंदर 30 मिनट तक डुबी रहे तब भी खराब नहीं होगी। इस वॉच में 1.3 इंच की टचस्क्रीन है। हेल्थ और डेली एक्टिविटी को ट्रैक करने के लिए 9 मोड हैं। इसके जरिए आप अपने फोन कॉल्स, मैसेज, नोटिफिकेशन के अलावा म्यूजिक भी कंट्रोल कर सकते हैं। इस स्मार्ट वॉच में आपकी रनिंग, योग के अलावा हार्ट रेट का पता लगाया जा सकता है।

5.वन प्लस स्मार्ट बैंड
2,499 रुपये की कीमत वाला, वनप्लस का स्मार्ट बैंड IP68 रेटिंग के साथ आता है जो फिटनेस ट्रैकर को वॉटर रेजिस्टेंट बनाता है। एंड्रॉयड और iOS दोनों डिवाइस के साथ कम्पैटिबल, स्मार्ट बैंड हार्ट रेट और SpO2 मॉनिटर के साथ आता है। इसमें 13 तरह के वर्कआउट मोड भी मिलते हैं। साथ ही कंपनी 14 दिनों के बैटरी बैकअप का दावा करती है।

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AIIMS chief, Health News, ET HealthWorld

AP Photo/Rahmat Gul, file

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New Delhi : With various mutations of the SARS-CoV-2 emerging in the near future, there might be a need for the country to adopt a booster dose with second-generation Covid-19 vaccines, said All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) chief Dr Randeep Guleria.

“It seems that we probably need the booster dose of vaccines as with the passage of time the immunity tends to fall. There is waning immunity. We would like to have booster dose that will cover for various emerging variants,” Dr Guleria said .

He further stated that the booster dose will be a second-generation vaccine.

“We will have second-generation vaccines which would be better in terms of the immunity they give, covering of the new variants and a having a better overall efficacy. Trails of booster vaccine shots are already going on. You will probably need a booster dose till the end of this year. But that’s only once the population is vaccinated, then the next step will be to administer a booster dose,” Dr Guleria said.

Bharat Biotech’s Covaxin trials for children are presently underway and the results are expected to be released by September, the AIIMS director informed.

“The vaccines for children should come out now because trials in India are already there in the vaccines which are available in India, Bharat Biotech trial is in the final phase by September we will have the data,” he said.

The trial is conducted in three phases by segregating children into categories according to their age. The first trial was started in the age group of 12-18 years followed by the age group of 6-12 years and 2-6 years which are currently undergoing trials.

He further said that Zydus Cadila has included the data for children for their Covid-19 vaccine. “Zydus Cadila vaccine has also included children and their data is already there. They have already applied for the emergency use authorization,” he said.

EV Startup Rivian Announces $2.5 Billion Funding Round Led By Amazon, Ford

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The announcement came the day after the California-based company said it was exploring building a second U.S. assembly plant.


Rivian aims to compete when it rolls out its R1T pickup and R1S SUV, as well as a delivery van for Amazon
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Rivian aims to compete when it rolls out its R1T pickup and R1S SUV, as well as a delivery van for Amazon

Electric car startup Rivian said on Friday it has closed a $2.5 billion fundraising round led by investors Amazon.com Inc, Ford Motor Co and T. Rowe Price.

The announcement came the day after the California-based company said it was exploring building a second U.S. assembly plant. Reuters, citing unnamed sources, reported on Thursday that Rivian’s planned plant, dubbed “Project Tera,” will include battery cell production.

“As we near the start of vehicle production, it’s vital that we keep looking forward and pushing through to Rivian’s next phase of growth,” Rivian Chief Executive R.J. Scaringe said in a statement.

“This infusion of funds … allows Rivian to scale new vehicle programs, expand our domestic facility footprint, and fuel international product rollout,” he added.

Rivian, which has a plant currently in Normal, Illinois, said it has raised about $10.5 billion to date. It will seek a valuation of well over $50 billion in a potential public listing later this year, a source previously told Reuters.

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Rivian said it has raised about $10.5 billion to date. It will seek a valuation of well over $50 billion in a potential public listing later this year

Also Read: Rivian To Install EV Chargers In Tennessee, USA

Automakers are racing to develop EVs as China, Europe and other countries and regions mandate lower carbon emissions. Rivian aims to compete when it rolls out its R1T pickup and R1S SUV, as well as a delivery van for Amazon.

Scaringe said in a letter to customers last week that COVID-19 had delayed the launch of its vehicles. The first deliveries of the R1T, previously slated for July, were pushed to September, while the R1S was delayed to autumn.

Scaringe told Reuters last November that Rivian planned to follow the initial three vehicles with smaller models targeted at China and Europe where it may eventually build vehicles.

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In addition to Amazon’s Climate Pledge Fund, Ford and funds managed by T. Rowe Price, Friday’s funding round also was led by D1 Capital Partners. It also included participation by Third Point, Fidelity Management and Research Co, Dragoneer Investment Group and Coatue, Rivian said.

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GM To Add Automatic Lane-Change, Other Features To Driver Assistance Tech

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The features – to be available in vehicles like the Cadillac Escalade and the Chevrolet Silverado – will also include trailering for trucks and SUVs, and an enhanced navigation display.


Super Cruise will be available on 22 vehicles by 2023, including the GMC Hummer EV SUV, GM said.
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Super Cruise will be available on 22 vehicles by 2023, including the GMC Hummer EV SUV, GM said.

General Motors said on Friday it will add new features, including hands-free automatic lane-changing, to some of its models with Super Cruise driver assistance.

The automaker will introduce them on six model year 2022 vehicles in the first quarter of next year.

The features – to be available in vehicles like the Cadillac Escalade and the Chevrolet Silverado – will also include trailering for trucks and SUVs, and an enhanced navigation display.

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Super Cruise will be available on 22 vehicles by 2023, including the GMC Hummer EV SUV, GM said.

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Mirabai Chanu Karnam Malleswari | Sydney Olympic Medallist Weightlifter Karnam Malleswari Praise Mirabai Chanu After Wins Silver At Tokyo Olympics | देश को पहला वेटलिफ्टिंग मेडल दिलाने वाली कर्णम मल्लेश्वरी बोलीं- चानू की सफलता से इस खेल में आएगी लड़कियों की फौज

Mirabai Chanu Karnam Malleswari | Sydney Olympic Medallist Weightlifter Karnam Malleswari Praise Mirabai Chanu After Wins Silver At Tokyo Olympics | देश को पहला वेटलिफ्टिंग मेडल दिलाने वाली कर्णम मल्लेश्वरी बोलीं- चानू की सफलता से इस खेल में आएगी लड़कियों की फौज

टोक्यो21 मिनट पहलेलेखक: राजकिशोर

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21 साल पहले साल 2000 सिडनी ओलिंपिक में भारत के लिए इकलौता मेडल जीतने वालीं वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी का मानना है टोक्यो ओलिंपिक में मीराबाई चानू के मेडल जीतने से कुश्ती और बॉक्सिंग के बाद अब वेटलिफ्टिंग के खेल में क्रांति होगी।

उन्होंने कहा कि चानू को देखकर वेटलिफ्टिंग में देश भर की लड़कियों सहित युवा पीढ़ी प्रेरित होगी और वेटलिफ्टिंग में अगले ओलिंपिक में एक से ज्यादा वेटलिफ्टर क्वालिफाइ होंगे। मीराबाई चानू के ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद दैनिक भास्कर ने वेटलिफ्टिंग में पहला ओलिंपिक मेडल जीतने वालीं कर्णम मल्लेश्वरी से बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश

मीराबाई के मेडल जीतने के बाद वेटलिफ्टिंग की तरफ युवा पीढ़ी आकर्षित होगी?
मीराबाई के मेडल जीतने से अब बॉक्सिंग और कुश्ती के बाद वेटलिफ्टिंग के खेल में क्रांति आएगी। जिस प्रकार कुश्ती में सुशील कुमार और बॉक्सिंग में विजेंद्र कुमार के मेडल जीतने के बाद इन खेलों में क्रांति आई है।

युवा पीढ़ी इन दोनों खेलों के बारे में जानने लगी और इन खेलों में हिस्सा लेना शुरू किया। वैसे ही चानू के मेडल जीतने के बाद वेटलिफ्टिंग में भी क्रांति आएगी। वेटलिफ्टिंग के प्रति युवाओं में रुझान बढ़ेगा। बल्कि वेटलिफ्टिंग कल्चर डेवलप होगा।

क्या आपको लगता है कि अगले ओलिंपिक के लिए ज्यादा से ज्यादा वेटलिफ्टर क्वालिफाई हो पाएंगे?
बॉक्सिंग की बात करें, तो 2009 में बीजिंग ओलिंपिक में विजेंद्र सिंह ने मेडल जीता और 2012 लंदन ओलिंपिक में लड़कियों में मेरीकॉम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उसके बाद बॉक्सिंग में युवा पीढ़ी में रुझान बढ़ा। नतीजा यह रहा है कि टोक्यो ओलिंपिक के लिए 9 बॉक्सर क्वालिफाई हुए हैं।

जिनमें 4 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं। ऐसे ही कुश्ती की बात करें तो सुशील और योगेश्वर के मेडल जीतने के बाद लड़कों में इस खेल के प्रति रुझान बढ़ा और साक्षी के मेडल जीतने के बाद लड़कियां इस खेल में आईं।

टोक्यो में इस बार चार महिला पहलवान क्वालिफाई हुई हैं। ऐसे में मुझे उम्मीद है कि चानू के जीतने के बाद युवाओं में दिलचस्पी बढ़ेगी और ज्यादा से ज्यादा टैलेंट हमारे पास आएंगे और ओलिंपिक के लिए ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी क्वालिफाई होंगे।

मीराबाई के मेडल जीतने से भारतीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा? और टोक्यो में भारतीय खिलाड़ियों से कितने मेडल की उम्मीद कर रही हैं?
मीराबाई के मेडल जीतने से ओलिंपिक में भाग ले रहे अन्य खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुझे इस बार टोक्यो ओलिंपिक में लंदन ओलिंपिक से ज्यादा मेडल मिलने की उम्मीद है। मुझे सबसे ज्यादा मेडल का भरोसा भारतीय शूटरों से हैं। वहीं एथलेटिक्स में भी एक-दो मेडल आने की आशा कर रही हूं। बॉक्सिंग में मेरीकॉम और अन्य बॉक्सरों से भी मेडल जीतने का मुझे भरोसा है। रेसलर्स से भी जीतने की उम्मीद है।

गोपीचंद, पीटी ऊषा और योगेश्वर दत्त अपने-अपने खेलों में खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं क्या आप भी ऐसा कर रही हैं?
मैंने पिछले तीन साल पहले यमुना नगर में वेटलिफ्टिंग की एकेडमी शुरू की है। यहां पर फिलहाल 50 बच्चे हैं। अभी हरियाणा के विभिन्न जिलों के ही बच्चे हैं, जो ट्रेनिंग कर रहे हैं। हालांकि कोरोना की वजह से कुछ बच्चे जा चुके हैं। एकेडमी को खेल एवं युवा मंत्रालय की ओर से भी सहयोग मिल रहा है।

यहां पर 200 से ज्यादा बच्चों के रहने के लिए हॉस्टल तैयार हो रहे हैं। उसमें पूरे देश से प्रतिभाओं का चयन कर एकेडमी में ट्रेनिंग देने की योजना है। अब एकेडमी में ट्रेनिंग कर रहे बच्चे खेलो इंडिया और यूथ में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में मुझे उम्मीद है कि कई बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीतने में सफल होंगे।

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Mirabai Chanu Karnam Malleswari | Sydney Olympic Medallist Weightlifter Karnam Malleswari Praise Mirabai Chanu After Wins Silver At Tokyo Olympicse | देश को पहला वेटलिफ्टिंग मेडल दिलाने वाली कर्णम मल्लेश्वरी बोलीं- चानू की सफलता से इस खेल में आएगी लड़कियों की फौज

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दिल्ली12 मिनट पहले

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21 साल पहले साल 2000 सिडनी ओलिंपिक में भारत के लिए इकलौता मेडल जीतने वालीं वेटलिफ्टर कर्णम मल्लेश्वरी का मानना है टोक्यो ओलिंपिक में मीराबाई चानू के मेडल जीतने से कुश्ती और बॉक्सिंग के बाद अब वेटलिफ्टिंग के खेल में क्रांति होगी।

उन्होंने कहा कि चानू को देखकर वेटलिफ्टिंग में देश भर की लड़कियों सहित युवा पीढ़ी प्रेरित होगी और वेटलिफ्टिंग में अगले ओलिंपिक में एक से ज्यादा वेटलिफ्टर क्वालिफाइ होंगे। मीराबाई चानू के ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने के बाद दैनिक भास्कर ने वेटलिफ्टिंग में पहला ओलिंपिक मेडल जीतने वालीं कर्णम मल्लेश्वरी से बातचीत की। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश

मीराबाई के मेडल जीतने के बाद वेटलिफ्टिंग की तरफ युवा पीढ़ी आकर्षित होगी?
जी। मीराबाई के मेडल जीतने से अब बॉक्सिंग और कुश्ती के बाद वेटलिफ्टिंग के खेल में क्रांति आएगी। जिस प्रकार कुश्ती में सुशील कुमार और बॉक्सिंग में विजेंद्र कुमार के मेडल जीतने के बाद इन खेलों में क्रांति आई है, और युवा पीढ़ी इन दोनों खेलों के बारे में जानने लगी और इन खेलों में हिस्सा लेना शुरू किया। वैसे ही चानू के मेडल जीतने के बाद वेटलिफ्टिंग में भी क्रांति आएगी। वेटलिफ्टिंग के प्रति युवाओं में रुझान बढ़ेगा। बल्कि वेटलिफ्टिंग कल्चर डेवलप होगा।

क्या आपको लगता है कि अगले ओलिंपिक के लिए ज्यादा से ज्यादा वेटलिफ्टर क्वालिफाई हो पाएंगे?
जी बिल्कुल। बॉक्सिंग की बात करें, तो 2009 में बीजिंग ओलिंपिक में विजेंद्र सिंह ने मेडल जीता और 2012 लंदन ओलिंपिक में लड़कियों में मेरीकॉम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। उसके बाद बॉक्सिंग में युवा पीढ़ी में रुझान बढ़ा। नतीजा यह रहा है कि टोक्यो ओलिंपिक के लिए 9 बॉक्सर क्वालिफाई हुए हैं। जिनमें 4 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं। ऐसे ही कुश्ती की बात करें तो सुशील और योगेश्वर के मेडल जीतने के बाद लड़कों में इस खेल के प्रति रुझान बढ़ा और साक्षी के मेडल जीतने के बाद लड़कियां इस खेल में आईं। टोक्यो में इस बार चार महिला पहलवान क्वालिफाई हुई हैं। ऐसे में मुझे उम्मीद है कि चानू के जीतने के बाद युवाओं में दिलचस्पी बढ़ेगी और ज्यादा से ज्यादा टैलेंट हमारे पास आएंगे और ओलिंपिक के लिए ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी क्वालिफाई होंगे।

मीराबाई के मेडल जीतने से भारतीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा? और टोक्यो में भारतीय खिलाड़ियों से कितने मेडल की उम्मीद कर रही हैं?
जी। मीराबाई के मेडल जीतने से ओलिंपिक में भाग ले रहे अन्य खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा। मुझे इस बार टोक्यो ओलिंपिक में लंदन ओलिंपिक से ज्यादा मेडल मिलने की उम्मीद है। मुझे सबसे ज्यादा मेडल का भरोसा भारतीय शूटरों से हैं। वहीं एथलेटिक्स में भी एक-दो मेडल आने की आशा कर रही हूं। बॉक्सिंग में मेरीकॉम और अन्य बॉक्सरों से भी मेडल जीतने का मुझे भरोसा है। रेसलर्स से भी जीतने की उम्मीद है।

गोपीचंद, पीटी ऊषा और योगेश्वर दत्त अपने-अपने खेलों में खिलाड़ी तैयार कर रहे हैं क्या आप भी ऐसा कर रही हैं?
मैंने पिछले तीन साल पहले यमुना नगर में वेटलिफ्टिंग की एकेडमी शुरू की है। यहां पर फिलहाल 50 बच्चे हैं। अभी हरियाणा के विभिन्न जिलों के ही बच्चे हैं, जो ट्रेनिंग कर रहे हैं। हालांकि कोरोना की वजह से कुछ बच्चे जा चुके हैं। एकेडमी को खेल एवं युवा मंत्रालय की ओर से भी सहयोग मिल रहा है। यहां पर 200 से ज्यादा बच्चों के रहने के लिए हॉस्टल तैयार हो रहे हैं। उसमें पूरे देश से प्रतिभाओं का चयन कर एकेडमी में ट्रेनिंग देने की योजना है। अब एकेडमी में ट्रेनिंग कर रहे बच्चे खेलो इंडिया और यूथ में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में मुझे उम्मीद है कि कई बच्चे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीतने में सफल होंगे।

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India China Standoff News and Updates | Indian Army’s counter terrorism division deployed to tackle China on Ladakh front | लद्दाख में चीन से निपटने के लिए सेना ने आतंकियों से लड़ने वाली यूनिट तैनात की, कश्मीर से 15 हजार सैनिक भेजे

India China Standoff News and Updates | Indian Army's counter terrorism division deployed to tackle China on Ladakh front | लद्दाख में चीन से निपटने के लिए सेना ने आतंकियों से लड़ने वाली यूनिट तैनात की, कश्मीर से 15 हजार सैनिक भेजे

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लद्दाख15 मिनट पहले

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लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीनी सेना की तैयारियों को देखते हुए भारतीय सेना ने ईस्टर्न लद्दाख एरिया में 15 हजार नए सैनिकों को तैनात कर दिया है। खास बात यह है कि ये सैनिक जम्मू-कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का हिस्सा थे। काउंटर टेररिज्म डिवीजन के इन जवानों को पिछले कुछ महीनों में तैनात किया गया है। ये लेह में तैनात 14 कॉर्प्स की मदद कर रहे हैं।

सरकार से जुड़े सूत्रों ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया कि इससे पहले कि चीन वहां आक्रामकता दिखाने के कोशिश करे, उससे निपटने के लिए लगभग 15,000 सैनिकों की डिवीजन को आतंकवाद विरोधी अभियानों से हटाकर लद्दाख एरिया में ले जाया गया है।

सेना को स्थिति मजबूत करने में मदद मिली
नई डिवीजन की तैनाती से सेना को उत्तरी सीमाओं पर अपनी स्थिति को और मजबूत बनाने में मदद मिली है। इसके आने से सेना अपनी यूनिट्स को रिजर्व रख सकती है। सुगार सेक्टर में तैनात सेना की रिजर्व यूनिट्स को पहाड़ी इलाकों में जंग के लिए तैयार किया जाता है। इसके लिए हर साल लद्दाख के ठंडे रेगिस्तानी इलाकों में वॉर एक्सरसाइज कराई जाती है।

पिछले साल से चीन के साथ चल रहे तनाव के बाद से ही सेना की रिजर्व यूनिट LAC पर फॉरवर्ड पोजिशन पर तैनात है। भारत ने ईस्टर्न लद्दाख सेक्टर में लगभग 50,000 सैनिकों को तैनात किया है। इससे सैनिकों की संख्या पिछले साल के मुकाबले दोगुनी हो गई। 1962 के युद्ध के बाद पहली बार LAC पर भारतीय सैनिकों की संख्या 2 लाख के करीब हो गई है। यहां चीन के भी करीब इतने ही सैनिक मौजूद हैं।

अब सेना की 5 डिवीजन तैयार
चीनी सेना की एक्टिविटी को देखते हुए लेह में 14 कॉर्प्स के पास अब दो डिवीजन हैं। ये कारू की 3 डिवीजन के साथ चीन सीमा की निगरानी में हैं। कुछ एक्स्ट्रा आर्मर्ड यूनिट्स भी उस इलाके में तैनात की गई हैं, जहां पिछले साल से भारी सैन्य जमावड़ा है।

पिछले साल अप्रैल से तनाव बरकरार
पिछले साल अप्रैल-मई में चीन ने ईस्टर्न लद्दाख के सामने वाले इलाकों में एक्सरसाइज के बहाने सैनिकों को जमा किया था। इसके बाद कई जगह पर घुसपैठ की घटनाएं हुई थीं। भारत सरकार ने चीन को जवाब देने के लिए इस इलाके में लगभग उसी के बराबर संख्या में सैनिकों को तैनात कर दिया। हालात इतने खराब हो गए कि 4 दशकों से ज्यादा वक्त बाद LAC पर पर गोलियां चलीं।

इसी दौरान 15 जून को गलवान घाटी में चीनी सेना के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। इसके बाद से ही भारतीय सेना LAC पर हाई अलर्ट पर है और अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। हालांकि, पैंगॉन्ग झील के दोनों किनारों से सैनिकों की वापसी हुई है, लेकिन तनाव बना हुआ है। गोगरा हाइट्स-हॉट स्प्रिंग्स एरिया में तनाव वाली जगहों से दोनों देश पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

चीन बना रहा नया एयरबेस
चीन पूर्वी लद्दाख के करीब झिंजियांग प्रांत के शाक्चे शहर में लड़ाकू विमानों का नया बेस तैयार कर रहा है। ये निर्माण भारत के काशगर और होगन के मौजूदा फाइटर एयरबेस को टारगेट कर बनाया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, शाक्चे में पहले से एयरबेस बना हुआ था, लेकिन चीन इसे अब अपने फाइटर प्लेन के हिसाब से डेवलप कर रहा है।

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